I20 World Cup 2026: भारतीय टीम ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत जीत के साथ तो की है, लेकिन USA के खिलाफ हुए इस मैच ने टीम की कुछ बड़ी कमजोरियों को सामने लाकर खड़ा कर दिया. USA जो एक कम अनुभवी टीम है उसके सामने भारत की बल्लेबाजी बुरी तरह लड़खड़ाती नजर आई. कप्तान सूर्यकुमार यादव को छोड़ दें, तो पूरा बैटिंग लाइनअप उम्मीदों पर खरा उतरने में नाकाम रहा. आइये इस मैच को लेकर कुछ ऐसे ही पॉइंट्स को लेकर बात करते हैं कि कैसे भारतीय टीम USA जैसी कम अनुभव वाली टीम के सामने भी संघर्ष कर रही थी.
बल्लेबाजी के पतन ने खड़े किए सवाल
टूर्नामेंट शुरू होने से पहले भारत की आक्रामक बल्लेबाजी और गहराई की काफी चर्चा थी. लेकिन वानखेड़े स्टेडियम में वह आत्मविश्वास हवा होता दिखा. पावरप्ले के अंदर ही भारत ने अपने अहम विकेट गंवा दिए और USA की गेंदबाजी के सामने टॉप ऑर्डर ताश के पत्तों की तरह बिखर गया. ईशान किशन ने कोशिश जरूर की लेकिन अपनी शुरुआत को बड़े स्कोर में नहीं बदल पाए. अभिषेक शर्मा जीरो पर आउट हो गए और तिलक वर्मा भी क्रीज पर टिक नहीं सके. एक वक्त भारत 77 रन पर 6 विकेट खो चुका था और 140 का आंकड़ा छूना भी मुश्किल लग रहा था.
सूर्यकुमार यादव ने डूबती नैया पार लगाई
हालांकि इस मैच में सूर्या ने अच्छी कप्तानी पारी खेले और जब बाकी बल्लेबाज सरेंडर कर रहे थे, तब सूर्यकुमार यादव अकेले डटे रहे. यह उनकी कोई ‘फ्लैशी’ या ताबड़तोड़ पारी नहीं थी, बल्कि उन्होंने बेहद संभलकर बल्लेबाजी की. उन्होंने स्ट्राइक रोटेट की और खराब गेंदों का इंतजार किया. उनकी नाबाद 84 रनों (49 गेंद) की पारी की बदौलत ही भारत 161/9 के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच पाया. यहां USA के गेंदबाजों की तारीफ करनी होगी जिन्होंने अपनी रणनीति पर टिके रहकर भारत की कमजोरी, दुनिया के सामने रख दी. हालांकि, सूर्या का कैच छोड़ना उन्हें भारी पड़ा, वरना उस वक्त तक मैच पर USA का ही दबदबा था.
गेंदबाजों ने बचाई लाज
बल्लेबाजों की नाकामी के बाद भारतीय गेंदबाजों ने मोर्चा संभाला. अर्शदीप सिंह ने शुरुआत में कसी हुई गेंदबाजी की, वहीं टी20 टीम में वापसी कर रहे मोहम्मद सिराज ने आते ही अपना असर दिखाया. शुरुआती झटकों ने USA को बैकफुट पर धकेल दिया. बीच के ओवरों में थोड़ी कोशिश जरूर हुई, लेकिन USA कभी भी लक्ष्य के करीब पहुंचता नजर नहीं आया.