नई दिल्ली. दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, बल्कि पैसों के मामले में भी लगातार नए रिकॉर्ड बनाती रही है. 2008 में शुरू हुई इस लीग की प्राइज मनी आज कई गुना बढ़ चुकी है. 19 साल के सफर में IPL ने न सिर्फ खिलाड़ियों की कमाई बढ़ाई, बल्कि जीतने और रनर अप वाली टीम के लिए भी प्राइज मनी में वृद्धि की.
जब 2008 में पहला IPL सीजन खेला गया था, तब चैंपियन टीम यानी राजस्थान रॉयल्स को करीब 4.8 करोड़ रुपये की इनामी राशि मिली थी. उस समय यह रकम काफी बड़ी मानी जाती थी, क्योंकि टी20 क्रिकेट का इतना बड़ा मंच पहली बार सामने आया था. पहले सीजन में रनर-अप यानी चेन्नई सुपर किंग्स की टीम को लगभग 2.4 करोड़ रुपये दिए गए थे.
अब कितने पैसे मिल रहे?
अब अगर मौजूदा दौर की बात करें तो IPL की प्राइज मनी में जबरदस्त उछाल आया है. हाल के सीजन में चैंपियन टीम 2025 में रॉयल चैलेंजर्स को करीब 20 करोड़ रुपये तक की राशि मिल रही है, जबकि रनर-अप टीम को लगभग 12-13 करोड़ रुपये मिलते हैं. यानी 19 साल में चैंपियन की इनामी राशि लगभग 4 गुना से ज्यादा बढ़ चुकी है.
खिलाड़ियों की कमाई बढ़ी
इस बढ़ोतरी के पीछे कई बड़े कारण हैं. IPL की ब्रांड वैल्यू लगातार बढ़ी है, टीवी राइट्स और डिजिटल स्ट्रीमिंग डील्स ने लीग को अरबों का कारोबार बना दिया है. बीसीसीआई (BCCI) को हर साल ब्रॉडकास्टिंग और स्पॉन्सरशिप से भारी कमाई होती है, जिसका फायदा टीमों और खिलाड़ियों को भी मिलता है. सिर्फ प्राइज मनी ही नहीं, IPL में खिलाड़ियों की सैलरी भी आसमान छू रही है. जहां पहले कुछ खिलाड़ी करोड़ों में बिकते थे, अब कई स्टार खिलाड़ी 20 करोड़ रुपये से ज्यादा में खरीदे जा रहे हैं.
आईपीएल सिर्फ टूर्नामेंट नहीं
इससे साफ है कि IPL अब सिर्फ क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं, बल्कि एक बड़ा बिजनेस मॉडल बन चुका है. कुल मिलाकर, IPL की इनामी राशि में आई यह बढ़ोतरी इस बात का सबूत है कि यह लीग हर साल नई ऊंचाइयों को छू रही है. आने वाले सालों में प्राइज मनी और भी बढ़ सकती है, जिससे IPL का ग्लैमर और क्रेज दोनों और ज्यादा बढ़ने वाले हैं.