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नई दिल्ली. दुनिया की सबसे लोकप्रिय टी20 लीग इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) में ऑलराउंडर्स की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है. ऐसे खिलाड़ी जो बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में योगदान दे सकें, वे टीम के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद साबित होते हैं. यही वजह है कि आईपीएल की टीमों की रणनीति में ऑलराउंडर्स को खास जगह दी जाती है. टी20 क्रिकेट में मैच बहुत तेजी से बदलता है. ऐसे में एक ऐसा खिलाड़ी जो जरूरत पड़ने पर तेजी से रन बना सके और गेंद से विकेट भी निकाल सके.
उदाहरण के तौर पर आंद्रे रसेल को ही देख लीजिए. उन्होंने आईपीएल में कई बार अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से कोलकाता को मैच जिताए हैं और गेंदबाजी में भी अहम विकेट लिए हैं. इसी तरह ग्लेन मैक्सवेल भी आईपीएल के सबसे प्रभावशाली ऑलराउंडर्स में गिने जाते हैं. वे मिडिल ऑर्डर में तेज रन बनाने के साथ-साथ ऑफ स्पिन गेंदबाजी से भी टीम के लिए उपयोगी साबित होते हैं. जब टीम को अतिरिक्त गेंदबाज या बल्लेबाज की जरूरत होती है, तब ऐसे खिलाड़ी टीम का संतुलन बनाए रखते हैं.
अगर आंकड़ों पर नजर डालें तो आईपीएल इतिहास में कई सफल टीमों के पास मजबूत ऑलराउंडर्स रहे हैं. शेन वॉट्सन ने कई सीजन में बल्ले और गेंद दोनों से शानदार प्रदर्शन किया और अपनी टीम को कई मैच जिताए. वहीं कायरन पोलार्ड ने मुंबई इंडियंस के लिए लंबे समय तक फिनिशर और पार्ट-टाइम गेंदबाज की भूमिका निभाई. हालांकि, वह आईपीएल में अब किसी भी टीम के लिए नहीं खेलते हैं.
ऑलराउंडर्स का सबसे बड़ा फायदा यह होता है कि वे टीम को संतुलन देते हैं. अगर किसी मैच में बल्लेबाजी कमजोर पड़ जाए तो वे रन बना सकते हैं और अगर गेंदबाजी में समस्या हो तो ओवर डालकर विकेट भी निकाल सकते हैं. इससे टीम को प्लेइंग इलेवन में ज्यादा विकल्प मिलते हैं. यही कारण है कि आईपीएल में ऑलराउंडर्स को अक्सर मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर्स माना जाता है. उनकी मौजूदगी टीम को हर परिस्थिति में मजबूत बनाती है और कई बार वही खिलाड़ी मैच का रुख पलट देते हैं. इसलिए आईपीएल की नीलामी में ऐसे खिलाड़ियों की कीमत भी सबसे ज्यादा देखी जाती है.