Ranji Trophy Final: जम्मू-कश्मीर ने आखिरकार दशकों के सूखे को खत्म कर दिया है. जम्मू-कश्मीर की टीम पहली रणजी ट्रॉफी का खिताब उठाया है. पारस डोगरा की कप्तानी वाली टीम ने शनिवार (28 फरवरी) को कर्नाटक को फाइनल में हराकर ट्रॉफी अपने नाम की. माना जा रहा था कि कर्नाटक की टीम फाइनल में जम्मू-कश्मीर का सालों पुराना सपना तोड़ सकती है. इसकी वजह थी कि कर्नाटक की टीम में भारतीय स्टार केएल राहुल, मयंक अग्रवाल, प्रसिद्ध कृष्णा, करुण नायर और देवदत्त पडिक्कल जैसे कई खिलाड़ी थी. वहीं, जम्मू-कश्मीर की टीम के पास इंटरनेशनल क्रिकेट का अनुभव नहीं था. इसके बावजूद जम्मू की टीम ने कर्नाटक को धूल चटा दी. पारस डोगरा की कप्तानी वाली टीम ने मैच के पहले दिन से ही कर्नाटक पर अपना दबदबा बनाए रखा. जम्मू-कश्मीर की टीम ने अपनी मेहनत और जोश के दम पर कर्नाटक को हराकर रणजी ट्रॉफी 2025-26 का खिताब हासिल किया. इस ऐतिहासिक जीत के पीछे जम्मू के कई खिलाड़ियों का हाथ रहा, जिन्होंने फाइनल में जबरदस्त प्रदर्शन किया. ऐसे में आइए जानते हैं कि कौन हैं वे 5 स्टार खिलाड़ी, जिन्होंने जम्मू-कश्मीर को ऐतिहासिक जीत दिलाई.
आकिब नबी डार
जम्मू-कश्मीर के डेल स्टेन कहे जाने वाले तेज गेंदबाज आकिब नबी डार ने बेहतरीन गेंदबाजी की. आकिब नबी ने कर्नाटक के खिलाफ फाइनल मैच की पहली पारी में 5 विकेट चटकाए. उन्होंने केएल राहुल, मयंक अग्रवाल, स्मरण रविचंद्रन, करुण नायर और शिखर शेट्टी को आउट किया. आकिब नबी ने रणजी ट्रॉफी के इस पूरे सीजन में जम्मू-कश्मीर के लिए बेहतरीन गेंदबाजी की है. इसके लिए उन्होंने प्लेयर ऑफ दे सीरीज का अवॉर्ड भी दिया गया है. आकिब नबी ने इस सीजन में 10 मैचों की 17 पारियों में 60 विकेट हासिल किए. इस दौरान उनकी इकॉनमी सिर्फ 2.65 की रही. आकिब नबी के इस धमाकेदार प्रदर्शन के बाद पूर्व दिग्गज क्रिकेटर उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में शामिल करने की सलाह दे रहे हैं.
शुभम पुंडीर
जम्मू के स्टार बल्लेबाज शुभम पुंडीर ने फाइनल मैच में शानदार प्रदर्शन किया. पहली पारी में शुभम ने 121 रनों की शानदार पारी खेली. इसकी बदौलत जम्मू-कश्मीर ने पहली पारी में कर्नाटक के खिलाफ 584 रनों की विशाल स्कोर खड़ा किया. इससे जम्मू की टीम ने पहली पारी में बड़ी बढ़त हासिल कर ली.
अब्दुल समद
अब्दुल समद ने जम्मू-कश्मीर के लिए रणजी ट्रॉफी में लगातार रन बनाए. समद ने रणजी ट्रॉफी के इस सीजन में जम्मू कश्मीर के लिए 10 मैचों की 15 पारियों में 57.53 की औसत से कुल 748 रन बनाए. इस दौरान उनके बल्ले से 1 शतक और 5 अर्धशतक आए. अब्दुल समद ने फाइनल में भी पहली पारी में 61 रनों की शानदार पारी खेली, जबकि दूसरी पारी में 32 रनों का योगदान दिया.
कामरान इकबाल
जम्मू-कश्मीर के सलामी बल्लेबाज कामरान इकबाल ने भी फाइनल में शानदार पारी खेली. कर्नाटक के खिलाफ खिताबी मुकाबले में कामरान 6 रन पर आउट हो थे, लेकिन फिर दूसरी पारी में उन्होंने नाबाद 160 रनों की बेहतरीन पारी खेली. इससे कर्नाटक को दबाव से निकलने का कोई मौका नहीं मिला.
पारस डोगरा
जम्मू-कश्मीर के कप्तान 41 वर्षीय पारस डोगरा ने इस ऐतिहासिक जीत में बड़ी भूमिका निभाई. पारस डोगरा ने टीम को एकजुट किया और नॉकआउट मुकाबलों में आगे आकर टीम के लिए बड़ी पारियों खेलीं. फाइनल में पारस डोगरा ने पहली पारी में 70 रनों की अहम पारी खेली, फिर दूसरी पारी में भी 16 रन बनाए. पारस डोगरा इस सीजन जम्मू-कश्मीर के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे. उन्होंने 10 मैचों की 16 पारियों में 49.53 की औसत से 637 रन बनाए. इसमें 2 शतक और 4 अर्धशतक शामिल रहे.