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नई दिल्ली. भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह आज दुनिया के सबसे खतरनाक गेंदबाजों में गिने जाते हैं. बुमराह की शानदार गेंदबाजी के दम पर भारत ने टी20 विश्व कप 2026 के फाइनल में जगह बना ली है. उनकी सटीक यॉर्कर, अलग तरह का रन-अप और अनोखा बॉलिंग एक्शन बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बन चुका है. लेकिन करियर की शुरुआत में यही अलग अंदाज लोगों के लिए हैरानी की वजह बन गया था. कई खिलाड़ियों को तो यह तक शक होता था कि बुमराह सही तरीके से गेंदबाजी कर रहे हैं या गेंद थ्रो कर रहे हैं.
दरअसल, जब बुमराह पहली बार युवा क्रिकेट में नेट्स पर गेंदबाजी करने आए, तो उनका एक्शन बाकी गेंदबाजों से बिल्कुल अलग दिखाई देता था. छोटा सा रन-अप, तेजी से हाथ घुमाकर गेंद छोड़ना और आखिरी टाइम में गति बढ़ा देना. यह सब देखकर कई युवा खिलाड़ी कन्फ्यूज हो जाते थे. कुछ खिलाड़ियों ने तो अपने कोच से सवाल भी किया कि क्या यह बॉलिंग एक्शन नियमों के मुताबिक है.
किशोर त्रिवेदी हैं बुमराह के कोच
बुमराह के शुरुआती दिनों को याद करते हुए उनके कोच किशोर त्रिवेदी ने बताया था कि उन्होंने भी शुरुआत में उनके एक्शन को काफी ध्यान से देखा था. उन्हें यह समझने में थोड़ा समय लगा कि यह असामान्य जरूर है, लेकिन पूरी तरह वैध है. कुछ दिनों तक लगातार देखने के बाद उन्होंने साफ कर दिया कि बुमराह का एक्शन नियमों के भीतर है और इसमें किसी बदलाव की जरूरत नहीं है.
कोच ने कहा था कभी मत बदलना
उस समय बुमराह की उम्र करीब 16 साल थी, लेकिन उनकी गेंदों में पहले से ही अच्छी रफ्तार और उछाल मौजूद थी. खास बात यह थी कि इतने छोटे रन-अप के बावजूद वह तेज गति से गेंद डाल लेते थे. युवा बल्लेबाजों के लिए उनकी गेंदों का सामना करना आसान नहीं होता था. कोच ने बुमराह को एक महत्वपूर्ण सलाह भी दी थी. अपने बॉलिंग एक्शन को बदलने की कोशिश मत करना, क्योंकि यही तुम्हारी असली ताकत है और आज कोच की यही बात आज सच साबित हुई है.