Mary Kom Video: बॉक्सिंग में ओलंपिक पदक विजेता मैरी कॉम अपने पति करुंग ओन्खोलर पर की गई टिप्पणी की वजह से सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रही थीं. उन्होंने कहा था कि उनके पति एक रुपया भी नहीं कमाते थे और बस मैरी कॉम की कमाई पर चलते थे. अब मैरी कॉम ने वीडियो साझा कर माफी मांगते हुए कहा है कि वह बात भावनात्मक तनाव में कही गई थीं. उनका इरादा किसी को ठेस पहुंचाने का नहीं था और वह इस मुद्दे को आगे नहीं बढ़ाना चाहती थीं. चलिए जानते उनका पूरा बयान.
‘तलाक के बावजूद भी मैंने संयम बनाया’
मैरी कॉम ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया. इसमें उन्होंने बताया, ‘मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि ऐसा नहीं है कि मेरी शादी कभी सफल नहीं रही. कई सालों तक सब ठीक था, लेकिन बाद में, जब विश्वास पूरी तरह टूट गया, तो हालात बदल गए. इसके बावजूद, मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि अप्रैल 2025 में तलाक के बाद भी मेरे खिलाफ बातें कही गईं, लेकिन मैंने सार्वजनिक रूप से या मीडिया को कोई बयान नहीं दिया. मैंने हमेशा अच्छा व्यवहार किया और संयम बनाए रखा.
‘मेरी टिप्पणी किसी खिलाड़ी की भावना को आहत करना नहीं था’
आगे मैरी कॉम ने अपनी टिप्पणी पर सफाई दी. उन्होंने कहा, ‘सोशल मीडिया पर मेरी टिप्पणी को गलत तरीके से लिया गया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है. मैं फुटबॉल के बिल्कुल खिलाफ नहीं हूं. मैं एक मुक्केबाज हूं, लेकिन मुझे फुटबॉल से दिल से प्यार है और मुझे खुद भी फुटबॉल खेलना पसंद है. मेरी टिप्पणी किसी खेल या खिलाड़ी के लिए नहीं थी. हर कोई गलियों से शुरुआत करता है, लेकिन सुनील छेत्री या बाइचुंग जैसे लोग वही बनते हैं जो कड़ी मेहनत करते हैं, पसीना बहाते हैं और अंत तक दृढ़ संकल्पित रहते हैं. हमारा यही मतलब था. मेरे पूर्व प्रेमी ने कहा कि उन्होंने अपने फुटबॉल करियर का बलिदान दिया. वह शिलांग में फुटबॉल खेलते थे, लेकिन फुटबॉल छोड़ने के बाद, मैं उनसे बाद में दिल्ली में मिली.’
मैरी कॉम ने मांगी माफी
मैरी कॉम ने आगे बोला, ‘मैं उन सभी लोगों से, विशेषकर पुरुष समाज से, तहे दिल से माफी मांगती हूं, जिन्हें ‘आप की अदालत’ शो में मेरी टिप्पणी से ठेस पहुंची या निराशा हुई. मेरा बयान कभी भी सभी पुरुषों के लिए नहीं था, न ही इसका उद्देश्य किसी व्यक्ति को नीचा दिखाना या अपमानित करना था. वह टिप्पणी पूरी तरह से हमारे मतभेद और मुद्दों से संबंधित थी. वह क्षण मेरे लिए भावनात्मक रूप से बहुत कठिन था, वर्षों का दबा हुआ दर्द, डिप्रेशन, इस्तेमाल किए जाने का एहसास और विश्वासघात सब एक साथ सामने आ गए. मैं यह स्पष्ट करना चाहती हूं कि इस बयान को किसी शिक्षा, विचारधारा या अवधारणा के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए.’