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टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बांग्लादेश के हटने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. टीम के सीनियर सहायक कोच मोहम्मद सलाहुद्दीन ने पूर्व खेल सलाहकार आसिफ नजरुल पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर “साफ-साफ झूठ” बोलने का आरोप लगाया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, भारत में खेले जाने वाले मुकाबलों को लेकर सुरक्षा चिंताओं का हवाला देते हुए बांग्लादेश ने टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया था. इसके बाद उनकी जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया. यह पहली बार था जब बांग्लादेश मेंस टी20 वर्ल्ड कप से बाहर रहा.
विवाद तब और बढ़ गया जब सलाहुद्दीन ने कहा कि नजरुल ने फैसले को लेकर अलग-अलग बयान दिए. पहले उन्होंने इसे सरकार का निर्णय बताया, लेकिन बाद में कहा कि यह फैसला बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड और खिलाड़ियों की सामूहिक सहमति से लिया गया था. कोच के मुताबिक इस तरह के बदलते बयान ने भ्रम और नाराजगी पैदा की.
5 दिन तक कोमा में रहे खिलाड़ी
सलाहुद्दीन ने खास तौर पर खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति पर चिंता जताई. उन्होंने कहा कि वर्ल्ड कप में खेलने का सपना टूटने से कई खिलाड़ी गहरे सदमे में चले गए. कुछ खिलाड़ियों की मानसिक हालत इतनी खराब हो गई कि वे 5 दिन तक मानसिक कोमा जैसी स्थिति में दिखाई दिए. उनके अनुसार, इस फैसले ने युवा खिलाड़ियों के करियर और आत्मविश्वास पर गंभीर असर डाला है.
बांग्लादेश ने क्या मांग की थी
इस पूरे घटनाक्रम ने बांग्लादेश में क्रिकेट और राजनीति के संबंधों पर बहस छेड़ दी है. अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस फैसले को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था और खिलाड़ियों के हितों को प्राथमिकता दी गई थी या नहीं. बता दें कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने आईसीसी के सामने ये मांग रखी थी कि उन्हें वह भारत में खेलने के लिए सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं ऐसे में उनके सभी मैच श्रीलंका में कराए जाए. इस रिक्वेस्ट को आईसीसी ने रिजेक्ट कर दिया था. जिसके बाद बांग्लादेश ने टी20 विश्व कप से खुद को बाहर रखने का फैसला किया.