14
Rahul Dravid Love Story: कोई भी इंसान यह नहीं जान पाता कि वह अपना दिल कब और किसे दे देगा. भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कोच राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) के जीवन में भी कुछ ऐसा ही हुआ. उन्हें यह अंदाज़ा नहीं था कि उनके पिता के दोस्त की बेटी से उनकी दोस्ती इतनी बढ़ जाएगी कि आगे चलकर दोनों ही हमसफर बन जाएंगे. आइए जानते हैं पूरी स्टोरी कि कैसे राहुल द्रविड़ विजेता के प्यार में गिर गए थे उनकी पहली मुलाकात कैसे हुई थी.
राहुल द्रविड़ का जन्म इंदौर में हुआ था, लेकिन पिता की नौकरी के कारण उनका परिवार बाद में नागपुर आकर बस गया. वहीं राहुल के पिता की अच्छी दोस्ती विजेता पेंढारकर के पिता से थी, जो भारतीय वायुसेना में विंग कमांडर के पद पर कार्यरत थे. एक ही शहर में रहने के कारण दोनों परिवारों के बीच मेलजोल बढ़ता गया और संबंध मजबूत होते चले गए. लगातार होती मुलाकातों के दौरान राहुल और विजेता के बीच बातचीत बढ़ी.
वर्ल्ड कप के बाद शादी करने की ठानी
धीरे-धीरे दोनों के बीच एक गहरी समझ बनने लगी. राहुल को विजेता की सादगी और साफ सोच पसंद आई, जबकि विजेता भी राहुल को पसंद करने लगी थी. धीरे-धीरे प्यार में बदल गया. राहुल अक्सर विजेता से मिलने के मौके तलाशते रहते थे. जल्द ही दोनों परिवारों को एहसास हो गया कि दोनों एक-दूसरे के काफी करीब आ चुके हैं. आपसी सहमति से वर्ष 2002 में शादी तय कर दी गई. हालांकि, उस समय 2003 का क्रिकेट विश्व कप नज़दीक था और राहुल अपने करियर के सबसे अहम दौर में थे. ऐसे में उन्होंने वर्ल्ड कप के बाद शादी करने की ठानी.
राहुल का करियर
फिर 4 मई 2003 को राहुल द्रविड़ और विजेता पेंढारकर की शादी तय की गई और इसी तारीख को दोनों शादी के बंधन में बंध गए. जानकारी के लिए राहुल की वाइफ विजेता एक सर्जन है. राहुल द्रविड़ को क्रिकेट जगत में “द वॉल” के नाम से जाना जाता है. वे भारतीय क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद और सम्मानित खिलाड़ियों में शामिल रहे हैं. अपने इंटरनेशनल करियर में उन्होंने सभी फॉर्मेट में मिलाकर 24,208 रन बनाए. जिसमें टेस्ट में 13,288 रन, वनडे में 10,889 रन और टी20 अंतरराष्ट्रीय में 31 रन शामिल हैं. वह टीम इंडिया के कोच भी रह चुके हैं.