नई दिल्ली. हाल ही में रणजी ट्रॉफी में सौराष्ट्र और पंजाब के बीच हुए मुकाबले में युवा लेफ्ट-आर्म स्पिनर पार्थ भुत ने 10 विकेट अपने नाम किए. उनके लिए सबसे चुनौतीपूर्ण पल तब आया जब उन्हें शुभमन गिल जैसे अनुभवी बल्लेबाज का सामना करना पड़ा. इस मौके पर पार्थ को मिला मार्गदर्शन उनके आदर्श से मेंटर बने रविंद्र जडेजा का, जिसने उन्हें मैदान पर आत्मविश्वास और आक्रामक रणनीति अपनाने की सीख दी. आइए जानते हैं मैदान पर क्या हुआ?
रवींद्र जडेजा अपने करियर में हमेशा आक्रामक गेंदबाजी और दबाव बनाने की कला दिखाई है, पार्थ को हमेशा यही सिखाते रहे: “अटैक कर प्रेशर डाल…”जडेजा कहना चाह रहे हैं कि आपको लगातार दबाव बनाए रखना, जोखिम लेने से डरना नहीं और विपक्षी बल्लेबाज को असहज करना है. मुकाबले में पार्थ ने 22 ओवर में सिर्फ 41 रन खर्च किए और 10 महत्वपूर्ण विकेट लिए, जिसमें शुभमन गिल का विकेट भी शामिल था. गिल दूसरी पारी में 32 गेंदों में 14 रन बना चुके थे, लेकिन पार्थ की यथार्थपूर्ण लाइन और पेस में बदलाव ने उन्हें गलतियों के लिए मजबूर कर दिया.
पंजाब ने 195 रन से जीता था मैच
पार्थ ने जाब के मध्य क्रम के बल्लेबाजों को भी आउट करके मजबूत साझेदारी बनने से रोका. इस शानदार प्रदर्शन की मदद से सौराष्ट्र ने पंजाब को 125 रन पर रोक दिया और 194 रन से मैच जीता. पार्थ ने पहली पारी में 5 और दूसरी पारी में भी 5 विकेट लिए थे.
जडेजा के लिए क्या बोले?
पार्थ ने मैच के बाद कहा “जडू भाई इस खेल के एक लीजेंड हैं. उन्होंने बहुत क्रिकेट खेली है और हमेशा अपना अनुभव साझा करते हैं. पंजाब के मैच से पहले उन्होंने ड्रेसिंग रूम में हमसे कहा कि हमें मैच में दबदबा बनाना है और आक्रामक क्रिकेट खेलनी है — ‘अटैक करना है’ — बस उन्होंने इतना ही कहा, जब शुभमन, जो खुद भी काफी क्रिकेट खेल चुका है, बैटिंग के लिए आया, तब जडेजा ने मुझसे कहा कि उसे अटैक करो और आक्रामक रहो, और यही मेरे लिए काम आया.”