Saina Nehwal Retirement: भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने अपने शानदार करियर को अलविदा कह दिया है. ओलंपिक मेडलिस्ट साइना नेहवाल ने आधिकारिक तौर पर अपने रिटायरमेंट का एलान कर दिया है. साइना ने बताया कि घुटने की बीमारी की वजह से उनके लिए खेलना संभव नहीं रह गया है. उन्होंने आखिरी बार साल 2023 में सिंगापुर ओपन में खेला था. हालांकि उस समय साइना नेहवाल ने अपने रिटायरमेंट के बारे में कुछ नहीं बताया था. सोमवार को आधिकारिक बयान के साथ उन्होंने भारतीय खेल जगत के एक सुनहरे अध्याय का समापन किया.
साइना ने एक पॉडकास्ट में कहा, ‘मैंने दो साल पहले ही खेलना बंद कर दिया था. मैंने अपनी शर्तों पर खेल शुरू किया और अपनी शर्तों पर ही छोड़ा, इसलिए मुझे औपचारिक घोषणा जरूरी नहीं लगी.’ उन्होंने साफ किया कि अब वह अपनी शारीरिक बीमारी के कारण खेल नहीं सकती हैं. ऐसे में अपने करियर का अंत कर देना ही ठीक है.
क्या है साइना के रिटायरमेंट का वजह?
साइना नेहवाल ने अपने रिटायरमेंट के पीछे की वजह भी बताई है. उन्होंने बताया कि उनके घुटने की स्थिति काफी खराब हो गई. साइना ने कहा, ‘घुटनों का कार्टिलेज (नरम हड्डी) पूरी तरह से खराब हो चुका है और वह अर्थराइटिस (Arthritis) से जूझ रही हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ियों में शामिल रहने के लिए हर दिन 8 से 9 घंटे की ट्रेनिंग जरूरी होती है. ऐसे में अभी उनकी जो स्थिति है, उसमें घुटने महज एक-दो घंटे की ट्रेनिंग के बाद ही सूज जाते थे. साइना नेहवाल ने कहा, ‘मैंने अपने माता-पिता और कोच को साफ बता दिया था कि अब इसे जारी रखना बहुत मुश्किल है.’
कब लगी थी चोट?
साल 2016 के रियो ओलंपिक के दौरान साइना नेहवाल के करियर में बड़ा टर्निंग प्वाइंट आया. दरअसल, इस ओलंपिक के दौरान साइना को घुटने में चोट लगी, जिससे उनके करियर पर बुरा असर पड़ा. हालांकि उन्होंने हार नहीं मानी और चोट से उबरकर साल 2017 में वर्ल्ड विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता. इसके बाद 2018 के राष्ट्रमंडल खेलों में गोल्ड मेडल जीतकर एक बार फिर देश का नाम रोशन किया.
बता दें कि साइना नेहवाल ओलंपिक विजेता भी रह चुकी हैं. पूर्व वर्ल्ड नंबर-1 साइना ने लंदन ओलंपिक 2012 में भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिलाया था. उस समय वह ओलंपिक मेडल जीतने वाली भारत की पहली बैडमिंटन खिलाड़ी बनी थीं. उन्होंने 3 ओलंपिक गेम्स में भारता का प्रतिनिधित्व किया. इसके अलावा साइना ने साल 2010 और 2018 के कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड मेडल जीते हैं.