Who Is Saloni Kumari: भारत में अब पुरुष क्रिकेट के अलावा महिला क्रिकेट को भी बढ़ावा दिया जा रहा है. अक्सर क्रिकेट को जेंटलमैन का खेल कहा जाता है, लेकिन अब महिलाओं ने क्रिकेट बढ़-चढ़कर भाग लेना शुरू कर दिया है. इसी तरह की एक कहानी बिहार के नालंदा से सामने आई है. बिहार के नालंदा में ‘महंथ द्वारकानाथ क्रिकेट टूर्नामेंट’ खेला जा रहा है. इस टूर्नामेंट में कुल 25 टीमें खेल रही हैं. यह पुरुष क्रिकेटर्स का टूर्नामेंट है, लेकिन एक टीम की कमान महिला क्रिकेटर को सौंपी गई है. इस टूर्नामेंट में खेल रही परबलपुर की टीम की कमान सलोनी कुमारी संभाल रही हैं, जिन्होंने अभी तक शानदार प्रदर्शन किया है. सलोनी लड़कों की टीम की कप्तानी कर रही हैं. लीग स्टेज में सलोनी की अगुवाई में परबलपुर की टीम ने 3 मैच खेले, जिनमें से हर मुकाबले में जीत हासिल की. युवा महिला खिलाड़ी सलोनी की टीम टूर्नामेंट में सबसे ऊपर है. सलोनी की उम्र सिर्फ 16 साल है. वह अपने टैलेंट के दम पर क्रिकेट में एक नया चैप्टर लिखने की कोशिश कर रही हैं. जानें कौन हैं युवा क्रिकेटर सलोनी कुमारी…
कौन हैं सलोनी कुमारी?
सलोनी कुमारी नालंदा के परबलपुर की रहने वाली हैं. उनके पिता नवल किशोर सिंह एक चिकन विक्रेता हैं. 16 वर्षीय सलोनी खुद से ज्यादा उम्र के लड़कों के साथ क्रिकेट खेल रही हैं. सलोनी ने बताया कि वह ‘महंथ द्वारकानाथ क्रिकेट टूर्नामेंट’ में ‘जेबीकेएनएस परबलपुर’ (JBKNS) टीम की कप्तानी कर रही हैं. सलोनी ने बताया कि वह बचपन से भैया लोगों के साथ क्रिकेट खेल रही हैं. उन्होंने सिर्फ 6-7 साल की उम्र में बल्ला थाम लिया था. सलोनी ने बताया कि वह भारत को इंटरनेशनल लेवल पर रिप्रेजेंट करना चाहती हैं. पिछले साल बिहार की अंडर-19 महिला टीम में सलोनी का सिलेक्शन भी हुआ था. सलोनी का कहना है कि वह अभी नेशनल क्रिकेट एकेडमी (NCA) जाने की तैयारी कर रही हैं, फिर वहां से भारत के लिए खेलना चाहती हैं. फिलहाल सलोनी 11वीं कक्षा में पढ़ाई कर रही हैं, लेकिन उनका ज्यादा इंटरेस्ट क्रिकेट खेलने में है. उनके भाई और पिता भी उन्हें पूरा सपोर्ट करते हैं, जिसके चलते वो आज इस टूर्नामेंट में खेल रही हैं. सलोनी अभिषेक शर्मा और स्मृति मंधाना को अपना आदर्श मानती हैं.
टूर्नामेंट में सलोनी का प्रदर्शन
इस टूर्नामेंट के सह आयोजक खुशदिल कुमार ने बताया कि सलोनी इस टूर्नामेंट में काफी अच्छा प्रदर्शन कर रही है. सलोनी ने अपनी टीम को लगातार 3 मैच जिताकर पहले नंबर पर पहुंचाया है. खुशदिल कुमार ने बताया कि इस टूर्नामेंट में सभी खिलाड़ी लड़के हैं. इसके बावजूद सलोनी इस टूर्नामेंट में खेल रही हैं. सलोनी ने इस टूर्नामेंट के 1 मुकाबले में 17 रन बनाए. इसके अलावा सिर्फ 4 गेंदों पर 4 रन देकर 2 विकेट भी चटकाए. टूर्नामेंट के सह आयोजक खुशदिल ने सलोनी को भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी और उनके आगे बढ़ने की कामना की.
आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार
सलोनी के पिता नवल किशोर सिंह परबलपुर में चिकन का स्टॉल लगाते हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है. सलोनी की कोचिंग के लिए भी पिता के पास पैसे नहीं थे. वह किसी तरह 10 हजार रुपये महीना भेजकर सलोनी को पटना के मोइनुल हक स्टेडियम में ट्रेनिंग दिला रहे है. सलोनी का सपना है कि वह इस साल नेशनल लेवल पर खेले. फिलहाल सलोनी बिहार की महिला अंडर-19 का हिस्सा है. बता दें कि सलोनी सिर्फ क्रिकेट में ही नहीं, बल्कि पढ़ाई में काफी अच्छी है. इसके अलावा सलोनी को बाइक और बुलेट चलाना भी पसंद है.