Sanju Samson Comeback Story: पिछले 8-10 सालों में आपने अक्सर सोशल मीडिया पर ‘जस्टिस फॉर संजू सैमसन’ लाइन पढ़ी और सुनी होगी. सोशल मीडिया पर कई बार ट्रेडिंग पर दिखाई देती है. अब आखिरकार संजू सैमसन (Sanju Samson) ने अपने फैंस के लिए जस्टिस कर दिया है. रविवार (1 मार्च) को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए मैच में संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 50 गेंदों पर नाबाद 97 रनों की पारी खेली. इसके दम पर भारत ने वेस्टइंडीज को 5 विकेट से हरा दिया. भारत इस जीत के साथ सीधा सेमीफाइनल में पहुंच गया. संजू सैमसन की इस पारी के बाद इस बात का जिक्र हुआ, ‘फाइनली जस्टिस फॉर संजू सैमसन हैपन्स.’ हालांकि ‘जस्टिस फॉर संजू सैमसन’ से ‘फाइनली जस्टिस फॉर संजू सैमसन हैपन्स’ तक का सफर काफी लंबा रहा. इस दौरान संजू सैमसन को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जिसे शायद शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है. भारतीय टीम की जीत के बाद संजू सैमसन ने घुटनों पर बैठकर हाथ जोड़कर भगवान का शुक्रिया किया. उन्हें देखकर ऐसा लगा कि मानो उनका सालों पुराना सपना आज पूरा हो गया है. संजू सैमसन की यह पारी उनके करियर की सबसे अहम पारी बन गई है. यहां तक पहुंचने के लिए संजू सैमसन ने बहुत लंबा इंतजार किया है. पढ़ें उनकी जर्नी की पूरी स्टोरी…
संजू सैमसन का लंबा इंतजार
भारतीय टीम में एक से बढ़कर एक धुरंधर खिलाड़ी हैं. संजू सैमसन ने भी शुरुआत में मोस्ट गिफ्टेड प्लेयर के तौर अपनी पहचान बनाई. उन्हें भारत के नेचुरली टैलेंटेड बल्लेबाज कहा गया. भारत के दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा की तरह संजू सैमसन भी टाइमिंग के साथ जबरदस्त पुल शॉट लगाने की क्षमता रखते हैं. इसी खास टैलेंट के साथ संजू सैमसन ने सिर्फ 17 साल की उम्र में फर्स्ट क्लास क्रिकेट में डेब्यू किया. संजू के लिए उनका पहला सीजन ज्यादा अच्छा नहीं रहा, लेकिन अगले सीजन में उन्होंने धमाकेदार वापसी की. संजू ने सिर्फ 5 पारियों में 2 शतक और 1 अर्धशतक लगाया.
इस दौरान संजू सैमसन IPL टीमों की नजर में आए. राजस्थान रॉयल्स (RR) की टीम ने संजू के टैलेंट को पहचाना और उनके ऊपर दांव लगाया. उस समय RR के कोच रहे राहुल द्रविड़ ने कहा था कि संजू सैमसन आने वाले समय भारतीय टीम के लिए खेलेंगे. द्रविड़ की भविष्यवाणी सही साबित हुई. IPL में लगातार 3-4 सालों तक शानदार प्रदर्शन करने के बाद संजू सैमसन को भारतीय टीम में मौका मिला. साल 2015 में संजू को जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम इंडिया में चुना गया.
2015 में भारत के लिए डेब्यू
साल 2015 में भारतीय टीम जिम्बाब्वे दौरे पर गई. इस टूर पर संजू सैमसन को भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल में डेब्यू करने का मौका मिला, लेकिन पहले मैच में संजू के बल्ले से सिर्फ 19 रन ही निकले. फिर संजू सैमसन ने टीम में अपनी जगह खो दी. इसके संजू सैमसन को भारतीय टीम में वापसी करने के लिए लगभग 4 साल तक का इंतजार करना पड़ा. फिर 2019 में संजू सैमसन की टीम में वापसी हुई. इस दौरान वह टीम से अंदर-बाहर होते रहे. कभी एक मैच खेलने का मौका मिलता था, लेकिन ज्यादातर समय बेंच पर बैठे रहते थे.
IPL और डोमेस्टिक क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद संजू सैमसन भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की नहीं कर पाए. हालांकि साल 2024 के टी20 वर्ल्ड कप स्क्वाड में संजू को शामिल किया गया, लेकिन पूरे टूर्नामेंट में उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला. टी20 वर्ल्ड कप 2024 खत्म होने के बाद विराट कोहली और रोहित शर्मा ने रिटायरमेंट का एलान कर दिया. इससे भारतीय टीम के टॉप ऑर्डर में जगह खाली हुई. फिर संजू सैमसन को एक बार फिर मौका मिला. इस बार संजू सैमसन को प्लेइंग-11 में जगह मिली और उन्होंने सिर्फ 5 टी20 इंटरनेशनल मैचों में 3 शतक लगा दिए.
शुभमन गिल के आने से हुए बाहर
संजू सैमसन ने टी20 में भारत के लिए 3 शतक लगाए, लेकिन फिर वह टीम मैनेजमेंट के एक्सपेरिमेंट का शिकार हो गए. पिछले साल यानी 2025 में शुभमन गिल को टी20 टीम में फिट करने की कोशिश की गई. इसके चलते संजू सैमसन को टॉप ऑर्डर से मिडिल ऑर्डर में शिफ्ट कर दिया गया. फिर मिडिल ऑर्डर में संजू सैमसन टीम मैनेजमेंट के उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए, जिसके बाद जितेश शर्मा का स्क्वाड में शामिल कर लिया गया, जो विकेटकीपर फिनिशर के तौर पर टीम में आए. जितेश शर्मा के आने से संजू सैमसन को बाहर कर दिया गया. फिर कुछ मैचों के लिए संजू सैमसन प्लेइंग-11 से बाहर रहे. इसी बीच टीम मैनेजमेंट का शुभमन गिल को टी20 क्रिकेट में फिट करने का एक्सपेरिमेंट फेल हो गया. उसी समय टी20 वर्ल्ड कप भी नजदीक आ गया. ऐसे में टीम मैनेजमेंट ने कड़ा फैसला लेते हुए शुभमन गिल को स्क्वाड से निकाल दिया, जिससे संजू सैमसन को उनका ओपनिंग स्पॉट वापस मिल गया. वहीं, जितेश शर्मा की जगह बैकअप विकेटकीपर ओपनर के तौर पर ईशान किशन को टीम में शामिल किया गया.
वर्ल्ड कप से पहले फॉर्म ने छोड़ा साथ
टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) शुरू होने से पहले भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज खेलना थी. इस बार संजू सैमसन की जगह विकेटकीपर ओपनर के तौर पर फिक्स कर दी गई थी, लेकिन किस्मत ने उनका साथ छोड़ दिया. संजू सैमसन ने अपना फॉर्म खो दिया. न्यूजीलैंड के खिलाफ 5 मैचों की टी20 सीरीज में संजू का बल्ला एकदम खामोश दिखाई दिया. इसी बीच ईशान किशन की एंट्री हुई. तिलक वर्मा के इंजर्ड होने की वजह से ईशान किशन तीसरे नंबर पर खेल रहे थे. उस समय ईशान किशन शानदार फॉर्म में थे. न्यूजीलैंड के खिलाफ ईशान किशन ने सिर्फ 4 पारियों में 230 के स्ट्राइक रेट से 215 रन ठोक दिए. इसके चलते टी20 वर्ल्ड कप में संजू सैमसन एक बार फिर खराब फॉर्म के चलते ड्रॉप कर दिया गया.
वेस्टइंडीज के खिलाफ कैसे मिला मौका?
संजू सैमसन को टी20 वर्ल्ड कप के शुरुआती मैचों में प्लेइंग-11 से बाहर रखा गया. इसी बीच नामीबिया के खिलाफ मैच से पहले अभिषेक शर्मा की तबीयत खराब हो गई, जिसके चलते संजू सैमसन को एक मैच में मौका मिला. उस मुकाबले में संजू सैमसन ने सिर्फ 8 गेंदों पर 22 रन बनाए, लेकिन फिर उन्हें अगले मैच में ड्रॉप कर दिया गया. इसके बाद साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत को करारी हार झेलनी पड़ी, जिसके चलते संजू सैमसन को फिर से प्लान में शामिल किया गया. टीम मैनेजमेंट की खास रणनीति के तहत संजू सैमसन को फिर से ओपनिंग स्पॉट दिया गया.
जिम्बाब्वे के खिलाफ संजू सैमसन को प्लेइंग-11 में शामिल किया गया. इस मुकाबले में संजू सैमसन ने 15 गेंदों पर 24 रनों की पारी खेली. फिर वेस्टइंडीज के खिलाफ करो या मरो के मुकाबले में भी संजू सैमसन को मौका दिया गया, जिसमें उन्होंने ऐतिहासिक पारी खेली. संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 50 गेंदों पर नाबाद 97 रनों की पारी खेली. इस दौरान उनके बल्ले से 12 चौके और 4 छक्के आए. संजू सैमसन की इस पारी के दम पर भारत ने 19.2 ओवर में 196 रनों का टारगेट चेज कर लिया. इस पारी के साथ संजू सैमसन ने अपने भी ट्रोलर्स का मुंह बंद कर दिया.