भारतीय टीम ने इंग्लैंड के खिलाफ सेमी फाइनल में 7 रनों से मुकाबला जीत लिया है और इसी के साथ भारतीय टीम फाइनल का टिकट कटवा चुकी है और 8 मार्च को अब अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगी. टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने विशाल स्कोर खड़ा किया. जिसमें संजू सैमसन की 89 रनों धुआंधार पारी की बदौलत टीम इंडिया ने 253 रनों का पहाड़ जैसा स्कोर बनाया. इस मुकाबले में संजू सैमसन प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए लेकिन पोस्ट मैच प्रेजेंटेशन में संजू ने अपने इस अवार्ड के बारे में कहा वो दिल जीत लेने वाला था. जी हां भारतीय क्रिकेट फैंस के लिए यह वाकई एक भावुक और गर्व करने वाला पल है. संजू सैमसन ने न केवल अपनी बल्लेबाजी से बल्कि अपने बड़प्पन से भी सबका दिल जीत लिया है.
इंग्लैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में 89 रनों की तूफानी पारी खेलकर भारत को फाइनल में पहुँचाने वाले संजू सैमसन को जब ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया, तो उन्होंने बहुत ही सादगी भरा बयान दिया. संजू ने मैच के बाद कहा, ‘सच कहूँ तो बहुत अच्छा महसूस हो रहा है. मुझे पता था कि पिछले मैच से मैं अच्छी लय में हूँ, इसलिए मैंने सोचा कि इसे आज भी बरकरार रखना है. देश के लिए इतने बड़े और नॉकआउट मुकाबले में फॉर्म में होना आसान नहीं होता, इसलिए मैंने खुद को थोड़ा वक्त दिया और अपनी पारी को प्लान किया. थोड़ी किस्मत ने साथ दिया और चीजें हमारे पक्ष में रहीं.’
गेंदबाजों की तारीफ और बड़प्पन
संजू ने आगे जो कहा उसने सबका ध्यान खींचा. उन्होंने कहा कि वानखेड़े जैसे मैदान पर, जहाँ 250 रन भी सुरक्षित नहीं लगते और इंग्लैंड जैसी टीम कड़ा मुकाबला कर रही थी, वहाँ मैच को फिनिश करना असली चुनौती थी. उन्होंने अपनी पारी से ज्यादा टीम और गेंदबाजों को श्रेय दिया. संजू के शब्दों में, ‘मैच के हालात को देखते हुए, जिस तरह से जसप्रीत बुमराह ने गेंदबाजी की और टीम ने वापसी की, वह काबिले तारीफ है. इस अवॉर्ड के लिए बुमराह जैसे गेंदबाजों पर भी विचार होना चाहिए था.
बुमराह की तारीफ में संजू ने कहा
‘इंग्लैंड ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की और मैच को काफी करीब ले आए, यह एक बेहतरीन सेमीफाइनल था. लेकिन इस जीत का असली श्रेय जसप्रीत बुमराह को जाता है. वह ‘वंस इन अ जनरेशन’ (पीढ़ियों में एक बार पैदा होने वाले) वर्ल्ड क्लास गेंदबाज हैं. सच कहूं तो, मुझे लगता है कि यह ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ अवॉर्ड उन्हें ही मिलना चाहिए था.’
शतक से ज्यादा जीत जरूरी
संजू ने कहा ‘मेरे लिए शतक मायने नहीं रखता. यह कोई टेस्ट या वनडे मैच नहीं है जहां आप अपनी पारी को धीमा या तेज कर सकें. टी20 में आपको बस आक्रामक खेलना होता है. मैं खुश हूं कि मैं टीम के लिए योगदान दे सका और सबसे बड़ी बात यह है कि हम जीत गए.’