India-Pak T20 World Cup: भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट का महा मुकाबला सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि एक बहुत बड़ा व्यावसायिक इंजन देखने को मिलता है. जहां, पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तान सरकार और पीसीबी (PCB) द्वारा इस मैच के बहिष्कार की धमकियों ने न केवल प्रशंसकों को निराश किया, बल्कि आईसीसी और ब्रॉडकास्टर्स के माथे पर चिंता की खबर भी सामने लेकर आई. तो वहीं, दूसरी तरफ आईसीसी के सख्त रुख के बाद, पाकिस्तान ने अपना फैसला बदलने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है.
मैच के रद्द होने पर क्या-क्या हो सकता है?
अगर अनुमान लगाया जाए तो, मैच की कुल वैल्यू 250 मिलियन डॉलर यानी 22 हजार करोड़ से भी ज्यादा की बताई जा रही है. तो वहीं, दूसरी तरफ देखा जाए तो अगर मैच पूरी तरह से रद्द हो जाता तो, आईसीसी को एक बेहद ही बड़ा नुकसान उठाना पड़ता.
1. विज्ञापन राजस्व
दरअसल, इस मैच के दौरान 10 सेकंड के विज्ञापन स्लॉट की कीमत 30 लाख से 40 लाख रुपये तक होती है. इतना ही नहीं, मैच नहीं होने की स्थिति में ब्रॉडकास्टर्स (जैसे जियो-स्टार) को 200-250 करोड़ का विज्ञापन घाटा होने की आशंका जताई जा रही थी.
2. प्रसारण अधिकार (Broadcasting Rights)
तो वहीं, दूसरी तरफ आईसीसी के मीडिया राइट्स की पूरी वैल्यू का एक बड़ा हिस्सा भारत-पाक मुकाबले पर ही सबसे ज्यादा टिका होता है. इसके साथ ही यह मैच पूरे टूर्नामेंट के राजस्व का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा कवर करने का महत्वपूर्ण काम करती है.
3. टिकट और स्पॉन्सरशिप
इन सब के अलावा कोलंबो में होने वाले इस मैच के लिए टिकटों की सबसे ज्यादा मांग देखने को मिल रही है. जहां, बहिष्कार से गेट मनी, हॉस्पिटैलिटी और प्रायोजकों के साथ हुए समझौतों में भारी गिरावट की संभावना भी है.
विवाद की वदह और क्या है समाधान?
जानकारी के मुताबिक, इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब पाकिस्तान ने बांग्लादेश से जुड़े कुछ मुद्दों और द्विपक्षीय सीरीज की मांगों को लेकर भारत के खिलाफ खेलने से पूरी तरह से साफ इनकार कर दिया. लेकिन, आईसीसी के प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई 5 घंटे लंबी बैठक के बाद मैच खेलने की सहमति बनी. तो वहीं, दूसरी तरफ पीसीबी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी ने साफ-साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान ने किसी राजनीतिक स्वार्थ के बजाय खेल की गरिमा को ऊपर रखने का बड़ा फैसला लिया है.
मामले में क्रिकेट विशेषज्ञों की क्या है राय?
हालांकि, इस मैच के दोबारा शुरू होने से न सिर्फ करोड़ों डॉलर की बचत हुई है, बल्कि श्रीलंका के पर्यटन को भी बड़ा बूस्ट मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. दूसरी तरफ इस मामले को लेकर क्रिकेट विशेषज्ञों ने जानकारी देते हुए बताया कि अगर यह मुकाबला नहीं होता, तो भविष्य में होने वाले मीडिया राइट्स की बोलियों पर भी इसका सबसे ज्यादा नकारात्मक असर देखने को मिलता.