Mother Of Indian Cricketers: भारत के दिग्गज क्रिकेटर्स की कामयाबी के पीछे उनकी माताओं की कड़ी मेहनत, त्याग और संघर्ष छुपा हुआ है. सचिन तेंदुलकर से लेकर विराट कोहली जैसे महान खिलाड़ियों की माताओं ने उनकी कामयाबी में अहम भूमिका निभाई है.
भारतीय दिग्गजों की Super Moms की अनसुनी कहानी.
Mother Of Indian Cricketers: कहते हैं कि हर कामयाब पुरुष के पीछे एक महिला का हाथ होता है. खासकर कामयाब पुरुषों के पीछे उनकी मां का हाथ और आशीर्वाद होता है, जो कई कठिनाइयों से गुजरने के बाद भी अपने बेटे को सपोर्ट करती हैं. माताएं सिर्फ अपने बेटे ही नहीं, बल्कि बेटियों की सपने को भी पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत करती हैं. भारत के ऐसे महान और दिग्गज खिलाड़ी हैं, जिन्होंने अपनी कामयाबी का श्रेय अपनी मां दिया है. क्रिकेट जगत की बात करें, तो क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर, दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली, भारत के सबसे सफल कप्तान एमएस धोनी की कामयाबी के पीछे भी उनकी मां का सपोर्ट रहा है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इन दिग्गजों की माताओं की अनसुनी कहानी…
भारतीय दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली (Virat Kohli) ने पूरी दुनिया में अपनी काबिलियत का डंका बजाया है. विराट कोहली का खेल के प्रति जुनून जुनून उनके दिवंगत पिता प्रेम कोहली के सपने की वजह से है. विराट कोहली ने बचपन में ही अपने माता-पिता को उनके लिए अपनी सुविधाओं का त्याग करते हुए देखा था. 18 दिसंबर 2006 को विराट कोहली ने अपने पिता को खो दिया, जिसके बाद परिवार की जिम्मेदारी उनकी मां सरोज कोहली पर आ गई. कोहली की मां ने पूरे परिवार को एकजुट रखा. सरोज कोहली ने अपने बेटे विराट को वित्तीय चिंताओं और अन्य परेशानियों से दूर रखा, जिससे वे क्रिकेट पर फोकस कर सकें. आज विराट कोहली क्रिकेट जगत के सबसे बड़े स्टार माने जाते हैं.
क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) की मां रजनी तेंदुलकर ने उनकी सफलता में अहम भूमिका निभाई है. सचिन तेंदुलकर के पिता ने उनके लिए क्रिकेट से जुड़ी सभी जरूरतों को पूरा किया, लेकिन उनकी मां ने पर्दे के पीछे कई त्याग किए. सचिन तेंदुलकर की मां ने घर की सारी जिम्मेदारी संभाली और सुनिश्चित किया कि वो अच्छे माहौल में रहें. रजनी तेंदुलकर इंश्योरेंस इंडस्ट्री में काम करती थीं. उन्होंने सुनिश्चित किया कि सचिन तेंदुलकर को वो सब चीजें मिलें, जो उनकी सफलता के लिए जरूरी हैं. सचिन तेंदुलकर ने अपनी आत्मकथा ‘प्लेइंग इट माय वे’ का पहला पेज अपनी मां को भेंट किया था.
भारत के सबसे सफल कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) की कामयाबी के पीछे उनकी मां देवकी देवी का बड़ा हाथ रहा. दरअसल, एमएस धोनी के पिता पान सिंह चाहते थे कि एमएस सरकारी नौकरी करें, लेकिन वह क्रिकेट खेलना चाहते थे. ऐसे समय में एमएस धोनी की मां चुपचाप उनका सहारा बनीं और साथ दिया. देवकी देवी ने कभी भी एमएस धोनी पर कभी अपनी इच्छाओं का भार नहीं रखा. उन्होंने अपने बेटे की काबिलियत और फैसले पर पूरा भरोसा जताया. इसके चलते एमएस धोनी आज दुनिया के महान कप्तानों में गिने जाते हैं.
भारत के पूर्व स्टार ऑलराउंडर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) का भी क्रिकेट सफर आसान नहीं रहा है. युवराज सिंह के माता-पिता का तलाक हो गया था, जिसके चलते उनकी मां शबनम ने सिंगल मदर के रूप में उनकी परवरिश की. इस दौरान युवराज सिंह की मां ने अपने बेटे के लिए कई व्यक्तिगत और आर्थिक समस्याओं का सामना किया. इसके बाद युवराज सिंह के करियर की शुरुआत में उनकी मां ने उन्हें इमोशनल सपोर्ट भी दिया. इतना ही नहीं, साल 2011 वर्ल्ड कप के बाद युवराज सिंह को कैंसर की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे. उस समय युवराज सिंह की मां ने उनकी खूब देखभाल की. युवराज सिंह ने अपनी किताब ‘द टेस्ट ऑफ माय लाइफ’ में इसका श्रेय अपनी मां को दिया है. उन्होंने लिखा है, ‘यह मेरी कहानी नहीं, बल्कि एक बहादुर मां की कहानी है, जिसने मुझे दूसरी बार जन्म दिया है.’
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