Super Over vs Bowl-Out: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में आज यानी बुधवार (11 फरवरी, 2026) को दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान के बीच खेले गए मैच में 2 सुपर ओवर खेले गए. इस रोमांचक मुकाबले में दक्षिण अफ्रीका ने अफगानिस्तान को हरा दिया. सुपर ओवर के नियमों की बात करें तो जब दो टीमों के बीच मुकाबला टाई हो जाता है. तब सुपर ओवर खेला जाता है. इसके बाद अगर फिर सुपर ओवर में भी मुकाबला टाई हो जाता है तो फिर सुपर ओवर खेला जाता है.
ऐसी स्थिति में जब तक मैच का नतीजा निकल नहीं जाता है. तब तक सुपर ओवर खेला जाता है. इसके अलावा, सुपर ओवर में एक-एक ओवर का मैच खेला जाता है. सुपर ओवर में 3 बल्लेबाजों को बैटिंग करने का मौका मिलता है. इसके अलावा, जो बल्लेबाज एक बार आउट हो जाता है तो उसे दूसरे सुपर ओवर में बल्लेबाजी करने का मौका नहीं मिलता है.
सुपर ओवर के नियम क्या हैं?
6 गेंदों के अंतराल में अगर टीम के 2 विकेट गिर जाते हैं तो उन्हें ओवर में गेंद बाकी रहने के बावजूद उस टीम को आउट करार दे दिया जाता है और फिर उसके बाद प्रतिद्वंदी टीम को बल्लेबाजी करने का मौका दिया जाता है. अगर दो बार सुपर ओवर होता है तो ऐसी स्थिति में पहले ओवर में गेंदबाजी करने वाले गेंदबाज को दूसरे सुपर ओवर में गेंदबाजी करने का मौका नहीं मिलता है. इसके अलावा, पहले सुपर ओवर में आउट होने वाले बल्लेबाज को दूसरे सुपर ओवर में बैटिंग करने का मौका मिलता है.
क्रिकेट में क्या था बॉल आउट नियम?
क्रिकेट में बॉल आउट का नियम बहुत कम बार इस्तेमाल किया जाता है. जिसका इस्तेमाल कई बार टाई ब्रेकर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है. उदाहरण के तौर पर मान लीजिए कि अगर दो टीमों का स्कोर बराबरी पर छूटता है. तब ऐसी स्थिति में आमतौर पर प्रत्येक टीम से 5-5 गेंदबाज बॉलिंग करेंगे (सामने बल्लेबाज नहीं रहेगा), लेकिन स्टंप्स के पीछे विकेटकीपर मौजूद रहेगा. दोनों टीमों के सभी पांच गेंदबाज एक-एक प्रयास में स्टंप्स को हिट करने का प्रयास करेंगे, जिस टीम के ज्यादा गेंदबाज स्टंप्स को हिट करेंगे, उस टीम को विजेता घोषित किया जाएगा.
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आईसीसी ने बॉल आउट के नियम को क्यों खत्म किया?
टी20 क्रिकेट में बाउल-आउट बंद कर दिया गया क्योंकि जैसे-जैसे खेल आगे बढ़ा. यह निष्पक्षता, तमाशा और रेगुलेटरी आधार पर ठीक नहीं साबित हुआ. इसके पीछे की वजहों की बात करें तो बॉल आउट नियम एक मुश्किल टीम मुकाबले को सीधे शूटर-बनाम-विकेट एक्सरसाइज में बदल देता है. यह एक खास बॉलिंग/एक्यूरेसी स्किल का टेस्ट करता है जो पूरे मैच की काबिलियत को नहीं दिखाता. इसमें रोमांच की कमी थी और बैटिंग और बॉलिंग के बजाय गेंद को विकेट पर मारने की वजह से इसमें ज्यादा रोमांच नहीं था. इसलिए बॉल आउट के नियम को खत्म कर दिया गया.
बॉल आउट नियम के एक यादगार उदाहरण
बॉल-आउट का नियम 2007 के आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप के उस ऐतिहासिक मैच से भी जुड़ा है, जिसमें भारत ने पाकिस्तान को हराया था. बॉल आउट नियम का शानदार उदाहरण 14 सितंबर 2007 को देखा गया था. जब टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप मैच में भारत और पाकिस्तान का मैच हो रहा था. दोनों टीम निर्धारित 20 ओवरों में 141 रन बना पाई थीं, ऐसे में रिजल्ट पाने के लिए बॉल-आउट नियम को लागू किया गया था.
टीम इंडिया की तरफ से वीरेंद्र सहवाग, हरभजन सिंह और रॉबिन उथप्पा तीनों ने अपने-अपने प्रयास में बॉलिंग करते हुए स्टंप्स को हिट किया था. जबकि पाकिस्तान की तरफ से यासिर अराफात, उमर गुल और शाहिद अफरीदी स्टंप्स को हिट नहीं कर पाए थे. इस तरह बॉल-आउट में भारत ने 3-0 से जीत दर्ज की थी.
सुपर ओवर का सबसे बेहतरीन उदाहरण
सुपर ओवर का सबसे बेहतरीन उदाहरण आज के आईसीसी वर्ल्ड कप 2026 के मुकाबले में देखने को मिला. जब दक्षिण अफ्रीका और अफगानिस्तान के बीच खेले गए मुकाबले में 2 बार सुपर ओवर हुए. हालांकि अंत में दक्षिण अफ्रीका की टीम ने अफगानिस्तान को हरा दिया. लेकिन ये मैच हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया.