लेंडल सिमंस को लगातार मौके मिले
करीब 200 रन के लक्ष्य का पीछा करना आसान नहीं था, लेकिन लेंडल सिमंस ने हालात बदल दिए. रिप्लेसमेंट खिलाड़ी के तौर पर टीम में शामिल हुए सिमंस को शुरुआती मौके मिले, जब वह दो बार नो-बॉल पर आउट होकर बच गए. इन जीवनदानों का उन्होंने पूरा फायदा उठाया. सिमंस ने धैर्य और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाते हुए 51 गेंदों में नाबाद 82 रन ठोक दिए और टीम की उम्मीदें जिंदा रखीं.
रसेल का तूफानी हमला
उन्होंने सिर्फ 20 गेंदों में नाबाद 43 रन बनाए, जिसमें कई लंबे छक्के शामिल थे. उनकी पावर हिटिंग ने भारत की रणनीति को पूरी तरह तोड़ दिया. सिमंस और रसेल के बीच नाबाद 80 रन की साझेदारी हुई, जिसने वेस्टइंडीज को 19.4 ओवर में 196/3 तक पहुंचाकर 7 विकेट से जीत दिला दी. यह वही रात थी जब सिमंस की समझदारी और रसेल के तूफान ने भारत का सपना तोड़ दिया और टी20 क्रिकेट की सबसे यादगार जीतों में से एक कहानी लिख दी.