T20 WC 2014 Final: 7 फरवरी के टी20 वर्ल्ड कप की शुरुआत होने वाली है. भारतीय टीम इस टूर्नामेंट में डिफेंडिंग चैंपियन बनकर मैदान पर उतरेगी. भारत ने अभी तक 2 बार (2007, 2024) टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम किया है. पहली बार महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में टीम इंडिया ने पहली बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब हासिल किया था. इसके बाद फिर साल 2024 में रोहित शर्मा की कप्तानी में भारतीय टीम टी20 विश्व कप की चैंपियन बनी थी. एमएस धोनी की कप्तानी में साल 2014 में भी भारतीय टीम के पास वर्ल्ड चैंपियन बनने का मौका था. अगर ऐसा होता, तो भारतीय टीम सबसे ज्यादा बाद टी20 वर्ल्ड कप जीतने वाली टीम बन जाती. 2014 के टी20 विश्व कप में लसिथ मलिंगा की श्रीलंकाई टीम ने भारत से जीत छीन ली थी. दरअसल, टी20 वर्ल्ड कप 2014 के फाइनल मैच में भारत और श्रीलंका का आमना-सामना हुआ था. यह मुकाबला बांग्लादेश के ढाका में खेला गया था. फाइनल मुकाबले में भारत ने टॉस गंवा दिया था, जिसके चलते टीम इंडिया पहले बल्लेबाजी करने के लिए उतरी. भारतीय टीम 20 ओवर में 4 विकेट खोकर सिर्फ 130 रन ही बना पाई. भारत की ओर से विराट कोहली ने सबसे ज्यादा 77 रन बनाए थे. इसके जवाब में श्रीलंका ने 17.5 ओवर में ही टारगेट चेज कर लिया था. जानें फाइनल में भारत की हार क्या वजह थी…
युवराज सिंह की धीमी बल्लेबाजी
टी20 विश्व कप 2014 के फाइनल मुकाबले में भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी. भारत टीम शुरुआत में 64 रनों पर 2 विकेट गंवा दिए थे. ऐसे में टीम इंडिया पर दबाव बढ़ गया था. चौथे नंबर पर भारत के स्टार ऑलराउंडर युवराज सिंह बल्लेबाजी करने के लिए आए. उन्होंने 21 गेंदों पर 11 रनों की धीमी पारी खेली, जिससे टीम को काफी नुकसान हुआ. युवराज सिंह स्ट्राइक रोटेट नहीं कर पा रहे थे और न ही बड़े शॉट खेल पा रहे थे. वह एक ओर से सिर्फ डॉट गेंदें खेल रहे थे.
श्रीलंका की कसी गेंदबाजी
श्रीलंका की ओर से भारत के बल्लेबाजों के खिलाफ कसी हुई गेंदबाजी की जा रही थी. लसिथ मलिंगा की अगुवाई वाली श्रीलंकाई टीम के गेंदबाजों ने भारतीय बल्लेबाजों पर दबाव बनाए रखा. मलिंगा और नुवान कुलसेकरा ने अच्छी गेंदबाजी की. श्रीलंका की ओर से 5 में से 3 गेंदबाजों ने 25-25 रन से कम ही खर्च किए. हालांकि भारत ने 20 ओवर में सिर्फ 4 विकेट गंवाए, लेकिन श्रीलंका ने भारतीय बल्लेबाजों को हाथ खोलने का मौका नहीं दिया.
कुमार संगकारा की पारी
श्रीलंका की ओर से भारत के खिलाफ कुमार संगकारा ने नाबाद अर्धशतकीय पारी खेली. उन्होंने 35 गेंदों पर 52 रन बनाए. भारत का कोई भी गेंदबाज कुमार संगकारा को रोक नहीं पाया. इसके चलते श्रीलंका ने 18वें ओवर में ही टारगेट चेज कर लिया.
भारत की सुस्त गेंदबाजी
भारत की ओर से श्रीलंका के खिलाफ सुस्त गेंदबाजी भी फाइनल में हार का बड़ा कारण रही. भारत की ओर से कोई भी गेंदबाज 1 से ज्यादा विकेट नहीं ले पाया. मोहित शर्मा, रविचंद्रन अश्विन, अमित मिश्रा और सुरेश रैना ने 1-1 विकेट चटकाए. फाइनल के मुकाबले में कोई भी भारतीय गेंदबाज कुमार संगकारा को आउट नहीं कर सका. अगर संगकारा का विकेट गिर जाता, तो भारत मुकाबला जीत सकता था.