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नई दिल्ली. भारतीय टीम के पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने 2026 टी20 वर्ल्ड कप को लेकर एक दिलचस्प इच्छा जाहिर की है. उनका कहना है कि अगर फाइनल मुकाबला भारत और जिम्बाब्वे के बीच हो तो यह क्रिकेट जगत के लिए बेहद खास पल होगा. 2024 में भारत को टी20 विश्व कप जिताने वाले द्रविड़ जानते हैं कि बड़े टूर्नामेंट में दबाव को कैसे संभाला जाता है. मौजूदा टूर्नामेंट में भारत और जिम्बाब्वे एक ही ग्रुप में हैं.
सेमीफाइनल तक साथ पहुंचने के लिए दोनों टीमों को पिछले साल की उपविजेता दक्षिण अफ्रीका और दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज जैसी मजबूत टीमों को हराना होगा. द्रविड़ ने एक इंटरव्यू के दौरान फाइनल मैच को लेकर कहा कि “भारत बनाम कोई भी टीम” फाइनल में देखने के लिए तैयार हैं, लेकिन अगर खिताबी मुकाबले में जिम्बाब्वे भारत के सामने हो तो यह जिम्बाब्वे क्रिकेट के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि होगी. उन्होंने कहा कि किसी कमजोर मानी जाने वाली टीम का भारत के साथ फाइनल खेलना खेल के लिए भी पॉजिटिव मैसेज देगा.
सुपर 8 चरण में जिम्बाब्वे सबसे निचली रैंकिंग वाली टीम है और वह अब तक इस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच पाई है. हालांकि इस बार उसका प्रदर्शन चौंकाने वाला रहा है. टीम ने अपने अभियान की शुरुआत ओमान पर जीत के साथ की और इसके बाद पूर्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका जैसी टीमों को भी करारी शिकस्त दी.
द्रविड़ ने भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी गहराई को बताया. उनका मानना है कि भारतीय टीम सिर्फ एक या दो खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं है, बल्कि उसके पास हर स्थिति के लिए विकल्प मौजूद हैं. यही संतुलन टीम को मजबूत बनाता है. उन्होंने यह भी कहा कि टी20 क्रिकेट बेहद अनिश्चित प्रारूप है, जहां किसी भी दिन नतीजा पलट सकता है. इसलिए जरूरी है कि टीम अपनी प्रक्रिया पर भरोसा रखे, सही फैसले ले और हर मैच में पूरी तैयारी के साथ उतरे.