नई दिल्ली. आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 (T20 World Cup 2026) में पाकिस्तान की सेमीफाइनल की राह अब पूरी तरह गणित पर टिकी हुई है. ग्रुप चरण के आखिरी मुकाबलों से पहले टीम की किस्मत सिर्फ अपने प्रदर्शन पर नहीं, बल्कि दूसरे मैच के नतीजे पर भी निर्भर है. खास तौर पर इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड मुकाबला पाकिस्तान के लिए बेहद अहम हो गया है.
इस पूरे समीकरण को समझने के लिए नेट रन रेट (NRR) की भूमिका को जानना जरूरी है. सेमीफाइनल की रेस में पाकिस्तान, इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच कड़ी टक्कर है. जबकि श्रीलंका की टीम टूर्नामेंट से बाहर हो गई है. कुलमिलाकर पाकिस्तान का श्रीलंका के खिलाफ बड़ी जीत दर्ज करना जरूरी है.
पहला समीकरण
अगर इंग्लैंड की टीम न्यूजीलैंड को 15 रनों से हराती है, तो पाकिस्तान को श्रीलंका के खिलाफ 55 से ज्यादा रनों से जीत दर्ज करनी होगी. यानी सिर्फ जीत काफी नहीं होगी, बल्कि बड़ी जीत जरूरी होगी ताकि नेट रन रेट में बढ़त मिल सके.
दूसरा समीकरण
अगर इंग्लैंड महज 1 रन से न्यूजीलैंड को हराता है, तो पाकिस्तान पर दबाव और बढ़ जाएगा. ऐसी स्थिति में पाकिस्तान को श्रीलंका को कम से कम 69 रनों से हराना होगा. यह लक्ष्य मुश्किल जरूर है, लेकिन टी20 क्रिकेट में नामुमकिन नहीं.
तीसरा समीकरण
अगर इंग्लैंड न्यूजीलैंड को 50 रनों से हराता है, तो पाकिस्तान को श्रीलंका के खिलाफ 20 रनों से जीत काफी होगी. हालांकि अगर पाकिस्तान लक्ष्य का पीछा कर रहा हो, तो उसे यह मुकाबला 17.5 ओवर से पहले खत्म करना होगा ताकि नेट रन रेट बेहतर रहे.
बता दें कि पाकिस्तान की सेमीफाइनल की उम्मीदें अब दूसरे मैच के मार्जिन पर निर्भर हैं. टीम को न सिर्फ जीत दर्ज करनी होगी, बल्कि बड़े अंतर से जीत हासिल करनी होगी. ऐसे में बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों पर अतिरिक्त जिम्मेदारी होगी. अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या पाकिस्तान इस दबाव को झेलकर आखिरी चार में जगह बना पाता है या नहीं. टी20 क्रिकेट की अनिश्चितता ही इसे रोमांचक बनाती है.