Assam Gen Z Candidates: असम विधानसभा चुनाव में कुछ जेन जी उम्मीदवारों की चर्चा पूरे देश में हो रही है. आइए ऐसे ही 5 उम्मीदवारों के बारे में जानते हैं.
असम में जेन जी उम्मीदवार आजमा रहे अपनी किस्मत
Assam Assembly Election: असम विधानसभा चुनाव (Assam Election 2026) को लेकर कल यानी गुरुवार (09 अप्रैल, 2026) को लेकर कल वोट डाले जाएंगे. इस चुनाव में कुछ युवा उम्मीदवार मैदान में हैं. जिसकी पूरे देश में चर्चा हो रही है, ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि ये सभी उम्मीदवार राजनीतिक वंशवाद की विरासत से दूर योग्यता, शिक्षा और जमीनी जुड़ाव की ओर बढ़ रही है. अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों ने 34 साल या उससे कम उम्र के काफी उम्मीदवारों को मैदान में उतारा है. यह सिर्फ़ युवा चेहरों की मौजूदगी नहीं है बल्कि ‘Gen Z’ (नई पीढ़ी) के उभार और नेतृत्व के एक नए दौर की शुरुआत है.
ऐसे में आज हम असम के उन 5 जेन जी उम्मीदवारों की चर्चा करेंगे जो पहली बार असम विधानसभा चुनाव में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं.
मार्गेरिटी से राइजोर दल के उम्मीदवार राहुल छेत्री एक साधारण चाय बागान पृष्ठभूमि से निकलकर छात्र आंदोलनों में अपनी सक्रिय भागीदारी के ज़रिए इस राजनीतिक मंच तक पहुंचे हैं. डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र राहुल बेरोज़गारी, शिक्षा और बुनियादी ढांचे जैसे मुद्दों को चुनावी बहस के केंद्र में ला रहे हैं.
ज़ुबैर अनाम मजूमदार अल्गापुर-कटलीछेरा से कांग्रेस के उम्मीदवार हैं, युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर ज़ुबैर एक मुखर और आत्मविश्वास से भरे युवा नेता के रूप में उभरे हैं. उनकी सक्रिय भागीदारी तीन मुख्य क्षेत्रों में साफ़ दिखाई देती है: संगठन निर्माण, डिजिटल पहुंच और विरोध की राजनीति.
राइजोर दल ने मरियानी से डॉ. ज्ञानश्री बोरा को अपना उम्मीदवार बनाया है. इसके बारे में बताया जाता है कि ज्ञानश्री ने अपना एक सुरक्षित पेशेवर करियर छोड़कर राजनीति के मैदान में कदम रखा है. रसायन विज्ञान (Chemistry) में PhD की डिग्री हासिल करने वाली ज्ञानश्री ने राजनीति में आने के लिए कॉलेज में पढ़ाने की अपनी नौकरी छोड़ दी. इससे पहले वह CAA विरोधी आंदोलन का एक जाना-माना चेहरा रह चुकी हैं. बेरोज़गारी, स्वास्थ्य सेवाएं और महिला सशक्तिकरण उनके चुनावी अभियान के मुख्य मुद्दे हैं.
रुपाली लांगथासा ने बीएचयू से पढ़ाई पूरी करने के बाद ज़िला स्वायत्त परिषद में सक्रिय भूमिका निभाई, स्थानीय समुदाय की नई पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करती हैं. उनका मुख्य ज़ोर क्षेत्रीय विकास और सांस्कृतिक पहचान के बीच संतुलन बनाने पर है. बीजेपी ने रुपाली को हाफलांग विधानसभा क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा है.
सेंट्रल गुवाहाटी से असम जातीय परिषद के टिकट पर चुनाव लड़ रहीं उम्मीदवार कुनकी चौधरी वैश्विक अनुभव और स्थानीय मुद्दों से गहरे जुड़ाव दोनों की ताक़त के साथ आगे बढ़ रही हैं. लंदन से अपनी मास्टर डिग्री पूरी करने के बाद कुनकी ने कॉर्पोरेट जगत का अपना करियर छोड़कर राजनीति में कदम रखा है. उन्होंने शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किया है.
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