T20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले सेमीफाइनल में 4 मार्च को साउथ अफ्रीका का मुकाबला न्यूजीलैंड से हो रहा है. यह मैच कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेला जा रहा है.इस मुकाबले में न्यूजीलैंड ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का फैसला किया है. दोनों टीमों की प्लेइंग 11 कुछ इस प्रकार हैं…
न्यूजीलैंड (Playing XI):
टिम साइफर्ट (विकेटकीपर), फिन एलेन, रचिन रवींद्र, ग्लेन फिलिप्स, मार्क चैपमैन, डेरिल मिचेल, जेम्स नीशम, मिचेल सैंटनर (कप्तान), कोल मैककोन्ची, मैट हेनरी, लॉकी फर्ग्यूसन
साउथ अफ्रीका (Playing XI):
एडेन मार्करम (कप्तान), क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), रायन रिकेलटन, डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, मार्को जानसन, कॉर्बिन बॉश, कगिसो रबाडा, केशव महाराज, लुंगी एनगिडी
NZ ने टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में कभी भी SA को नहीं हराया
न्यूजीलैंड ने टी20 वर्ल्ड कप के इतिहास में आज तक कभी भी साउथ अफ्रीका को नहीं हराया है पर क्या आज वो दिन है जब यह रिकॉर्ड बदल सकता है? अगर ऐसा होना है, तो कीवी ओपनर्स टिम साइफर्ट और फिन एलेन को एक बार फिर अपना जलवा दिखाना होगा. साइफर्ट न्यूजीलैंड के लिए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे हैं, जिनका औसत 43.20 का रहा है. वहीं फिन एलेन ने अब तक 189 रन बनाए हैं और खास बात यह है कि इस वर्ल्ड कप की हर पारी में उन्होंने 20 से ज्यादा का स्कोर किया है. टॉप ऑर्डर में ऐसी कंसिस्टेंसी बहुत जरूरी होगी.
गेंदबाजी की बात करें तो मिचेल सैंटनर ने रन तो रोक कर रखे हैं, लेकिन 5 मैचों में उन्हें सिर्फ 2 विकेट मिले हैं. असल में, टॉप 15 विकेट लेने वालों की लिस्ट में न्यूजीलैंड का कोई भी गेंदबाज शामिल नहीं है. हालांकि, अनुभवी मैट हेनरी उनके भरोसेमंद खिलाड़ी रहे हैं. उन्होंने 6 मैचों में 7 विकेट लिए हैं और नई गेंद के साथ उनका स्पेल मैच का रुख बदल सकता है. बल्लेबाजी हो या गेंदबाजी, सब कुछ पावरप्ले पर टिका है. अगर न्यूजीलैंड को आज रात ‘प्रोटीज’ को पछाड़ना है, तो उन्हें शुरुआत से ही मैच पर अपना दबदबा बनाना होगा.
क्या साउथ अफ्रीका सच में इतनी तगड़ी है?
अगर इस टूर्नामेंट में कोई ऐसी टीम है जिसने हर मोर्चे पर कमाल किया है, तो वो साउथ अफ्रीका ही है. उन्होंने अब तक लगभग हर बॉक्स पर टिक किया है. कप्तान एडन मार्करम अपनी टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाकर लीड कर रहे हैं, तो वहीं लुंगी एनगिडी अपनी वैरिएशंस से कहर ढा रहे हैं, उन्होंने 6 मैचों में 13.75 की शानदार औसत से 12 विकेट चटकाए हैं.
टीम के पावर-हिटर्स यानी मिलर, स्टब्स और ब्रेविस ने भी अलग-अलग मौकों पर अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई है. मिडिल ओवर्स में केशव महाराज ने रनों की रफ्तार पर लगाम लगाकर मैच को कंट्रोल में रखा है. फिर आते हैं कॉर्बिन बॉश, जिन्होंने बिना किसी शोर-शराबे के 6 मैचों में 11 विकेट झटके हैं. मार्को जानसन के लिए भी यह टूर्नामेंट शानदार रहा है, उन्होंने सिर्फ 5 मैचों में 11 विकेट लिए हैं, जिसमें दो बार चार-चार विकेट हॉल शामिल हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि साउथ अफ्रीका ने अपने सारे मैच भारत में खेले हैं, इसलिए वे न केवल पूरी लय में हैं बल्कि यहाँ की कंडीशन को भी अच्छी तरह समझते हैं.