T20 World Cup 2026: ICC टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम सुपर-8 में पहुंच चुकी है. भारत ने लीग स्टेज में शानदार प्रदर्शन करते हुए 4 मैचों में चार जीत हासिल की है. हालांकि अब भारत के सामने सुपर-8 की असली परीक्षा है, जिसमें बड़ी टीमों के खिलाफ मुकाबला होगा. सुपर-8 राउंड में भारत के ग्रुप में साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे शामिल हैं. भारतीय टीम 22 फरवरी को साउथ अफ्रीका के खिलाफ (IND vs SA) सुपर-8 का पहला मुकाबला खेलेगी, जो 22 फरवरी को खेला जाएगा. सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली भारतीय टीम सुपर-8 में अपने सभी मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में जगह बनाना चाहेगी. हालांकि भारत की सेमीफाइनल में पहुंचने की राह आसान नहीं होने वाली है. सुपर-8 में भारतीय टीम के सामने साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे की चुनौती होगी. इन सभी टीमों ने अभी तक इस टी20 वर्ल्ड कप में एक भी मैच नहीं गंवाया है. ऐसे में यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम इंडिया इन टीमों के खिलाफ किस तरह खेलती है. इस बीच फैंस को मन में सवाल है कि आखिर भारत को सेमीफाइनल में जीतने के लिए कितने मैच जीतने जरूरी होंगे.
कितने मैच जीतने होंगे जरूरी?
भारतीय टीम (Team India) सुपर-8 में कुल मुकाबले खेलने वाली है. अगर भारत को सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करना है, तो 3 मैचों में 2 मुकाबले जीतने होंगे. सुपर-8 के ग्रुप 1 में कुल 4 टीमें हैं. इनमें से टॉप-2 में रहने वाली टीमें सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेंगी. ऐसे में भारतीय टीम को किसी भी हालत में 2 मैचों में जीत हासिल करनी होगी. साथ ही भारत को अपना नेट रन रेट भी अच्छा रखना होगा, जिससे अगर कोई दूसरी टीम भारत के बराबर प्वाइंट हासिल कर लेती है, तो भारत को सेमीफाइनल का टिकट मिले.
नेट रन नेट काफी अहम
अगर भारतीय टीम सुपर-8 में 3 मैचों में 2 जीत हासिल करती है, तो उसके पास कुल 4 प्वाइंट होंगे. हालांकि इस ग्रुप में सभी टेबल टॉपर टीमें हैं. ऐसे में अगर कोई दूसरी टीम भी 2 मैच जीतकर 4 प्वाइंट हासिल कर लेती है, तो नेट रन रेट काफी अहम हो जाएगा. दो टीमों के प्वाइंट बराबर होने पर नेट रन रेट देखा जाएगा. जिस टीम का NRR बेहतर होगा, उसे सेमीफाइनल में जगह मिलेगी. ऐसे में भारतीय टीम को अपना नेट रन रेट बेहतर रखना होगा.
भारत का सुपर-8 शेड्यूल
- 22 फरवरी- भारत बनाम साउथ अफ्रीका
- 26 फरवरी- भारत बनाम जिम्बाब्वे
- 1 मार्च- भारत बनाम वेस्टइंडीज