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भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबले हमेशा रोमांचक रहे हैं. फैंस को मजा तो दोगुना तब होगा जब ये दोनों टीमें 8 मार्च को विश्व कप 2026 के फाइनल में आमने सामने होगी. अगर भारत इस मुकाबले को जीतता है तो वह तीसरी बार टी20 विश्व कप का खिताब अपने नाम करेगा. भारत की नजर 26 साल पुराने एक बदले पर भी है जब न्यूजीलैंड ने साल 2000 के नॉकआउट ट्रॉफी अब चैंपियंस ट्रॉफी में भारत को हराकर ट्रॉफी जीती थी.
साल 2000 की आईसीसी नॉकआउट ट्रॉफी फाइनल भारतीय फैंस के लिए आज भी दर्द भरी याद है. उस मैच में सौरव गांगुली ने शानदार शतक लगाया था, लेकिन उनकी पारी के बावजूद भारत को हार का सामना करना पड़ा था. यह फाइनल केन्या के नैरोबी में खेला गया था. भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में 264 रन बनाए थे. टीम इंडिया की शुरुआत शानदार रही थी और कप्तान सौरव गांगुली ने बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 117 रन की शानदार पारी खेली थी. उनके साथ सचिन तेंदुलकर ने भी उपयोगी योगदान दिया था.
क्रिस केर्न्स ने ठोका था शतक
उस समय 264 रन का स्कोर काफी मजबूत माना जा रहा था और भारतीय गेंदबाजों से उम्मीद थी कि वे मैच भारत की झोली में डाल देंगे. लेकिन न्यूजीलैंड के ऑलराउंडर क्रिस केर्न्स ने भारत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया. न्यूजीलैंड की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी और टीम ने शुरुआती विकेट जल्दी गंवा दिए थे. लेकिन इसके बाद क्रिस केर्न्स ने जिम्मेदारी संभाली और शानदार शतक जड़ दिया. उन्होंने नाबाद 102 रन बनाए और न्यूजीलैंड को चार विकेट से जीत दिला दी.
भारत के पास बदला लेने का मौका
इस जीत के साथ न्यूजीलैंड ने अपना पहला आईसीसी टूर्नामेंट खिताब जीत लिया था, जबकि भारत के हाथ से ट्रॉफी निकल गई. गांगुली की शानदार पारी उस हार में कहीं दबकर रह गई. अब जब भारत और न्यूजीलैंड फिर किसी बड़े टूर्नामेंट के मंच पर आमने-सामने आते हैं तो 2000 के उस फाइनल की याद जरूर ताजा हो जाती है. भारतीय टीम के लिए इस मुकाबले का बदला लेने का शानदार मौका है.