IND vs NZ ODI: हाल ही में भारतीय टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में हार का सामना करना पड़ा है. कीवी टीम ने भारत के खिलाफ ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए पहली बार वनडे सीरीज अपने नाम की है. इस हार को लेकर भारतीय क्रिकेट फैंस से लेकर पूर्व दिग्गज क्रिकेटर भी नाराज हैं. भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और महान क्रिकेटर सुनील गावस्कर ने भारत की हार के लिए खिलाड़ियों की फील्डिंग को जिम्मेदार ठहराया है. गावस्कर ने भारतीय टीम के डिफेंसिव एफर्ट (Defensive Effort) को लेकर भी अपना राय रखी. न्यूजीलैंड के पूर्व क्रिकेटर साइनन डौल से बातचीत के दौरान गावस्कर ने कहा कि टीम इंडिया इस सीरीज में बल्लेबाजों या गेंदबाजों की वजह से नहीं, बल्कि बीच के ओवरों में फील्डिंग में दिखाई गई ढिलाई के कारण हारी है. गावस्कर का कहना है कि मैदान में भारत की ओर से कई शानदार खिलाड़ी मौजूद थे, लेकिन इसके बावजूद फील्डिंग में कोई आक्रामकता नहीं दिखी.
सिंगल देने से नहीं रोक पाए
महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने कहा कि टीम इंडिया मैच के दौरान न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों को स्ट्राइक रोटेट करने और सिंगल चुराने से रोक नहीं पाई. गावस्कर का कहना है कि इस सीरीज में भारतीय खिलाड़ी मैदान पर काफी सुस्त नजर आए, जिससे कीवी बल्लेबाजों को आसानी से सिंगल लेने का मौका मिला. टीम इंडिया में रन रोकने में फुर्ती नहीं दिखाई, जिससे विपक्षी टीम अपनी लय में आ गई और मैच का रुख बदल गया. गावस्कर का कहना है कि भारतीय खिलाड़ी मैदान पर ज्यादा बेहतर फील्डिंग कर सकते थे.
भारत दबाव बनाने में नाकाम रहा!
भारतीय टीम इस सीरीज में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों पर दबाव नहीं बना पाई. तीसरे वनडे मैच में अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा ने कीवी टीम के सलामी बल्लेबाजों को जल्दी ही आउट करके पवेलियन भेज दिया. इससे न्यूजीलैंड की टीम लड़खड़ा गई थी. फिर कुछ ओवरों के बाद विल यंग का भी विकेट गिरा. इसके बावजूद डैरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स ने 200 से ज्यादा रनों की साझेदारी की. भारतीय टीम अगले 31 ओवरों तक 1 विकेट भी नहीं ले पाई. इसकी बड़ी वजह रही कि भारतीय खिलाड़ी फील्डिंग से रन नहीं रोक पा रहे थे, जिसके चलते कीवी बल्लेबाज काफी आसानी से सिंगल चुरा रहे थे.
वर्ल्ड कप में भारत को होगी परेशानी?
अगले साल अक्टूबर-नवंबर में वनडे वर्ल्ड कप खेला जाएगा. इस वर्ल्ड कप में भारतीय टीम को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है. अभी तक वनडे वर्ल्ड कप के लिए भारतीय टीम की स्क्वाड पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाई है. शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय टीम अगले साल वर्ल्ड कप खेलेगी. ऐसे में भारतीय टीम को फील्डिंग में सुधार करने की जरूरत है. भारतीय खिलाड़ियों को अपनी फिटनेस पर काम करना होगा और मैदान पर आक्रामकता के साथ उतरना होगा. बीच के ओवरों के दौरान विपक्षी टीम के बल्लेबाजों को आसानी से स्ट्राइक रोटेट करने से रोकने के लिए फील्डिंग को बेहतर करना होगा. अगर भारतीय टीम के खिलाड़ी अपनी फील्डिंग में सुधार नहीं करेंगे, तो वर्ल्ड कप में परेशानी झेलनी पड़ सकती है.
न्यूजीलैंड ने इतिहास रचा
सीरीज की बात करें, तो न्यूजीलैंड की टीम ने 1988 के बाद से पहली बार भारतीय धरती पर किसी वनडे सीरीज में जीत हासिल की है. न्यूजीलैंड ने भारत को 2-1 से हराकर सीरीज अपने नाम की. इससे पहले साल 2024 में न्यूजीलैंड ने भारतीय टीम को टेस्ट में 3-0 से हराकर इतिहास रचा था. कीवी टीम ने उस समय टेस्ट क्रिकेट में भारत के घरेलू मैदान पर 12 सालों से जीत के स्ट्रीक को तोड़ा था.