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क्या है डोप टेस्ट? जिसमें फेल हुआ उत्तराखंड का क्रिकेटर, पृथ्वी शॉ ने भी की थी ये गलती

Dope Test: उत्तराखंड का एक क्रिकेटर डोप टेस्ट में फेल पाया गया है. उसे अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया गया है. इससे पहले 2019 में पृथ्वी शॉ भी डोप टेस्ट में फेल हुए थे, जिसके चलते उन पर कड़ा एक्शन लिया गया था.

Written By: Ankush Upadhyay
Last Updated: January 6, 2026 12:36:40 IST

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Rajan Kumar Failed In Dope Test: क्रिकेट से जुड़ा एक दुर्लभ मामला सामने आया है. उत्तराखंड के बाएं हाथ के तेज गेंदबाज राजन कुमार डोप टेस्ट (Dope Test) में फेल हो गए हैं. राजन कुमार डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए, जिसके बाद नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) ने उन्हें अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया. इस 29 साल के खिलाड़ी के सैंपल में ‘एनाबॉलिक स्टेरॉयड’ ड्रोस्टानोलोन और मेटेनोलोन के साथ-साथ क्लोमीफीन भी पाया गया. क्लोमीफीन का इस्तेमाल ज्यादातर महिलाओं में बांझपन के इलाज के लिए किया जाता है. हालांकि पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन लेवल बढ़ाने के लिए कारगर होता है.
राजन कुमार ने आखिरी बार 8 दिसंबर 2025 को सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के एक मुकाबले में हिस्सा लिया था, जो अहमदाबाद में दिल्ली और उत्तराखंड के बीच खेला गया था. बता दें कि क्रिकेटरों के डोप टेस्ट में फेल होने के मामले काफी कम देखने को मिलते हैं. इससे पहले भारतीय बल्लेबाज पृथ्वी शॉ भी इस टेस्ट में फेल हुए थे.

क्या होता है डोप टेस्ट?

डोप टेस्ट एक ऐसी प्रक्रिया है, जिससे यह जांच की जाती है कि किसी खिलाड़ी ने खेल में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए कोई प्रतिबंधित दवा या ड्रग का इस्तेमाल किया है या नहीं. डोप टेस्ट कई अलग-अलग तरीकों से क्या जाता है. इसके लिए शरीर से फ्लूड लिया जाता है, जिसमें पेशाब, मुंह की लार, पसीना या ब्लड सैंपल शामिल है. नेशनल और इंटरनेशनल खिलाड़ियों का डोप टेस्ट करवाना जरूरी होता है. अगर कोई खिलाड़ी डोप टेस्ट में फेल होता है, उस पर जुर्माना लगाने के साथ ही बैन भी लगाया जा सकता है.

पृथ्वी शॉ भी हुए थे फेल

इससे पहले साल 2019 में मुंबई के इस युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ भी डोप टेस्ट में हुए हो गए थे. 2019 में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के बाद सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (SMAT) में डोपिंग टेस्ट में पृथ्वी शॉ पॉजिटिव पाए गए थे. इसके चलते उन पर 8 महीने का बैकडेटेड बैन लगाया गया था. BCCI ने बताया था कि बीसीसीआई पृथ्वी शॉ ने गलती से एक प्रतिबंधित पदार्थ खा लिया था, जो कफ सिरप में लिया जाता है.
इसके अलावा साल 2020 में मध्य प्रदेश के ऑलराउंडर खिलाड़ी अंशुला राव भी डोपिंग टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए थे. वहीं, नोंगमैथेम रतनबाला देवी भी डोप टेस्ट में फेल होने वाली भारतीय फुटबॉल खिलाड़ी बन गई हैं. उन्हें भी अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया गया है. नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) की ओर से जारी की गई ताजा रिपोर्ट के अनुसार, इस लिस्ट में गौरव पटेल (एथलेटिक्स), खुशबू कुमारी (भारोत्तोलन), अचलवीर करवासरा (मुक्केबाजी) और सिद्धांत शर्मा (पोलो) भी शामिल हैं.

ये महिला खिलाड़ी 8 साल के लिए बैन

डोप टेस्ट में फेल होने की वजह से खिलाड़ियों पर बैन भी लगाया जाता है. तमिलनाडु की मशहूर स्प्रिंटर धनलक्ष्मी शेखर पर डोप टेस्ट में फेल होने पर कड़ा एक्शन लिया गया है. वह दूसरी बार डोप टेस्ट में फेल हुई थीं, जिसके चलते उन्हें 8 साल के लिए बैन कर दिया गया है. यह बैन 9 सितंबर 2025 से लगाया है. साल 2022 में डोपिंग के पहले मामले में धनलक्ष्मी को 3 साल के लिए बैन किया गया था, जिसके बाद उन्होंने पिछले साल ही वापसी की थी. अब दोबारा वही गलती दोहराने के चलते उनका करियर संकट में आ गया है.

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