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Vijay Hazare Semifinal: विजय हजारे ट्रॉफी के पहले सेमीफाइनल में कर्नाटक की टीम को 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा. मयंक अग्रवाल की कप्तानी में कर्नाटक ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया जो उनपर भारी पड़ गया. कर्नाटक ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी चुनी और विदर्भ को 281 रन का लक्ष्य दिया. कर्नाटक ने इस स्कोर के लक्ष्य का पीछा करते हुए 49.4 ओवर में ही जीत हासिल कर ली. इस तरह विदर्भ ने पहला सेमीफाइनल जीतकर इस टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बना ली है.
ओपनर मयंक अग्रवाल सिर्फ 9 रन बनाकर आउट हो गए, जबकि देवदत्त पडिक्कल भी केवल 4 रन ही जोड़ सके. शुरुआती झटकों के बाद कर्नाटक का स्कोर दबाव में आ गया. इसके बाद कप्तान करुण नायर ने मोर्चा संभाला और बेहद जिम्मेदारी भरी पारी खेली. उन्होंने 90 गेंदों में 76 रन बनाए, जिसमें 8 चौके और 1 छक्का शामिल था. नायर ने पारी को संभालते हुए रन गति बनाए रखी. उनके साथ श्रीजित कृष्णन ने भी उपयोगी योगदान दिया और 53 गेंदों में 54 रन बनाकर मध्यक्रम को मजबूती दी.
निचले क्रम में ध्रुव प्रभाकर ने 33 गेंदों में 28 रन जोड़कर स्कोर को आगे बढ़ाया, जबकि अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे. आखिरी ओवरों में विकेट तेजी से गिरे, जिससे कर्नाटक बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सका. उनकी टीम 280 रन ही बना सकी. विदर्भ की ओर से गेंदबाजी बेहद प्रभावशाली रही. दर्शन नालकांडे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 विकेट झटके.
अमन मोखडे ने ठोकी सेंचुरी
अब चेज करने की पारी विदर्भ की आई. विदर्भ ने 281 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए 49.2 ओवर में ही जीत हासिल कर ली. विदर्भ के लिए ओपनिंग करने उतरे अमन मोकडे ने शानदार शतकीय पारी खेली. उन्होंने 122 गेंदों में 138 रन ठोके. अमन के अलावा अथर्व तैदे 6, ध्रुव सोरे 47 और रविकुमार समर्थ ने 67 रन की बेहतरीन पारी खेली. विदर्भ की शानदार बल्लेबाजी के सामने कर्नाटक की गेंदबाजी फीकी पड़ गई और उन्होंने यह मैच गंवा दिया. अभिलाष शेट्ठी ने कुल 3 विकेट लिए. इस तरह कर्नाटक फाइनल में जगह बनाने से चूक गया.