Viv Richards Birthday: वेस्टइंडीज के महान बल्लेबाज विव रिचर्ड्स आज (7 मार्च) को अपना 74वां जन्मदिन मना रहे हैं. उनका जन्म 7 मार्च 1952 को एंटीगुआ स्थित सेंट जॉन में हुआ था. विव रिचर्ड्स का पूरा नाम उनका पूरा नाम आइजैक विवियन एलेक्जेंडर रिचर्ड्स (Isaac Vivian Alexander Richards) है. विव रिचर्ड्स अपने समय में दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाज थे, जिनके सामने किसी भी टीम का गेंदबाजी अटैक ध्वस्त हो जाता था. विव रिचर्ड्स अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से गेंदबाजों का मनोबल तोड़ देते थे, जिससे वो मुकाबले में और भी ज्यादा खतरनाक बन जाते थे. उनकी खतरनाक बल्लेबाज का अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि विव रिचर्ड्स ने अपने करियर के दौरान 121 टेस्ट और 187 वनडे मैच खेले, लेकिन कभी भी हेलमेट नहीं लगाया. विव रिचर्ड्स के नाम इंटरनेशनल क्रिकेट में 15 हजार से ज्यादा रन दर्ज हैं. इंटरनेशनल क्रिकेट में विव रिचर्ड्स के आंकड़े उनकी खूंखार बल्लेबाजी की गवाई देते हैं.
1983 वर्ल्ड कप में विव रिचर्ड्स से जुड़ा अनोखा किस्सा
साल 1983 में कपिल देव की कप्तानी में भारतीय टीम वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्ल्ड कप का फाइनल खेला था. इस मुकाबले में भारत ने वेस्टइंडीज को 43 रन से हराकर अपना पहला विश्व कप खिताब हासिल किया था. इस मैच के दौरान एक रोमांचक वाकया भी देखने को मिला था. दरअसल, इस मैच में विव रिचर्ड्स भारत के खिलाफ बल्लेबाजी कर रहे थे. भारत ने वेस्टइंडीज को 184 रनों का टारगेट दिया था. विव रिचर्ड्स ने भारतीय गेंदबाज मदन लाल के 1 ही ओवर में 3 चौके लगा दिए. इसके बाद कप्तान कपिल देव ने मदन लाल को गेंदबाजी न देने का फैसला किया. इसके बावजूद मदन लाल ने जिद करके कपिल देव के हाथों से गेंद ले ली.
कपिल देव का यह फैसला जोखिम भरा था, लेकिन वो सही साबित हुई. उसी ओवर में मदन लाल ने विव रिचर्ड्स को आउट कर दिया. मदन लाल ने ऑफ स्टंप के पास थोड़ी छोटी गेंद डाली, जिस पर विव रिचर्ड्स ने गेंद को मिड विकेट के पीछे स्टैंड्स में पहुंचाने की सोची. हालांकि रिचर्ड्स ने थोड़ा जल्दी शॉट खेला, जिसके चलते गेंद बल्ले के ऊपरी किनारे पर लगी और हवा में ऊपर चली गई. मिड-ऑन पर फील्डिंग कर रहे कपिल देव गेंद की ओर तेजी से भागे और उन्होंने पीछे की ओर भागते हुए गेंद पर नजरें टिकाए रखी और आखिरकार दोनों हाथों से कैच लपक लिया. विव रिचर्ड्स के आउट होने के बाद वेस्टइंडीज के बल्लेबाज एक-एक करके आउट होने लगे. आखिरकार वेस्टइंडीज की टीम 140 रनों पर ढेर हो गई, जिससे भारत ने मुकाबला अपने नाम कर लिया.
बल्ले से क्यों खतरनाक थे विव रिचर्ड्स?
विव रिचर्ड्स अपने समय में बाकी बल्लेबाजों की तुलना में काफी आक्रामक बल्लेबाजी करते थे. वह बल्ले के साथ मैदान पर ज्यादा खतरनाक दिखाई देते थे. भारत रे महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर भी विव रिचर्ड्स को अपना आदर्श मानते हैं. विव रिचर्ड्स ने अपने वनडे करियर में 187 मैच खेले हैं. इस दौरान विव रिचर्ड्स ने 167 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए 47 की औसत से 6,721 रन बनाए हैं. इसमें 11 शतक शामिल हैं. उनके वनडे करियर का स्ट्राइक रेट 90.2 का है, जो उस समय के दिग्गज बल्लेबाजों से ज्यादा था. वहीं, टेस्ट क्रिकेट में विव रिचर्ड्स ने 121 मैच खेले हैं. इस दौरान 182 पारियों में बल्लेबाजी करते हुए विव रिचर्ड्स ने 50.2 की औसत से 6,721 रन बनाए हैं. इसमें 24 शतक शामिल रहे हैं. टेस्ट क्रिकेट में विव रिचर्ड्स का स्ट्राइक रेट 86.08 रहा है.