Live
Search
Home > क्रिकेट > क्या है ‘टेस्ट ट्वेंटी’, 80 ओवर का क्रिकेट फॉर्मेट, क्या इंटरनेशनल क्रिकेट में मिलनी चाहिए जगह?

क्या है ‘टेस्ट ट्वेंटी’, 80 ओवर का क्रिकेट फॉर्मेट, क्या इंटरनेशनल क्रिकेट में मिलनी चाहिए जगह?

टेस्ट ट्वेंटी 80 ओवर का क्रिकेट फॉर्मेट है, जो टेस्ट और टी20 का मिश्रण है. यह खिलाड़ियों को तकनीक और आक्रामकता दोनों दिखाने का मौका देता है.

Written By: Satyam Sengar
Last Updated: 2026-01-30 20:32:27

Mobile Ads 1x1
 
क्रिकेट में जब भी फॉर्मेट्स की बात होती है तो टेस्ट, वनडे और टी20 का नाम सबसे पहले आता है. लेकिन इन सबके बीच एक ऐसा मुकाबला भी खेला जाता है, जो टेस्ट की गंभीरता और टी20 की रफ्तार दोनों का मजा एक साथ देता है. इसी 80 ओवर के मैच को लोग आम बोलचाल में “टेस्ट ट्वेंटी” कहने लगे हैं. इसे अभी तक इंटरनेशनल स्तर पर नहीं खेला गया है. लेकिन विदेशों में अब भी लोकल टूर्नामेंट्स के रूप में इस फॉर्मेट में खिलाड़ी खेलना पसंद करते हैं.
 
यह फॉर्मेट आमतौर पर 40-40 ओवर का होता है. यानी टीमों के पास समय भी होता है और रन बनाने की आज़ादी भी होती है. शुरुआत में बल्लेबाज जल्दबाजी नहीं करते. वे पिच को समझते हैं, गेंदबाजों को परखते हैं और धीरे-धीरे अपनी पारी जमाते हैं. लेकिन जैसे-जैसे ओवर कम होते जाते हैं, खेल का रंग बदल जाता है. फिर चौके-छक्कों की बरसात शुरू होती है और रन रफ्तार पकड़ लेते हैं. गेंदबाजों के लिए भी यह मुकाबला आसान नहीं होता. 
 
न्हें लगातार योजना बनानी पड़ती है. जैसे कब आक्रमण करना है और कब रन रोकने हैं. कप्तान भी फील्डिंग में बदलाव करता रहता है. यानी यहां सिर्फ ताकत नहीं, दिमाग का इस्तेमाल ज्यादा जरूरी होता है. स्कूल, कॉलेज और क्लब क्रिकेट में यह फॉर्मेट खासा लोकप्रिय है, क्योंकि यह खिलाड़ियों को सीखने का मौका देता है. न मैच बहुत लंबा होता है और न ही जल्दी खत्म होता है. करीब 5-6 घंटे में नतीजा सामने आ जाता है, जिससे दर्शकों का रोमांच भी बना रहता है.

हरभजन और डिविलियर्स ने की सराहना

टेस्ट ट्वेंटी फॉर्मेट को लेकर दिग्गज क्रिकेटरों ने भी खुलकर अपनी राय रखी है. दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स का मानना है कि यह फॉर्मेट क्रिकेट के लिए एक नई दिशा लेकर आया है. वहीं भारत के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने भी इस प्रारूप की सराहना करते हुए कहा, “क्रिकेट को एक नई ऊर्जा और नई धड़कन की जरूरत थी. ऐसा फॉर्मेट चाहिए था जो आज की युवा पीढ़ी को खेल की असली भावना से जोड़े.

MORE NEWS

Home > क्रिकेट > क्या है ‘टेस्ट ट्वेंटी’, 80 ओवर का क्रिकेट फॉर्मेट, क्या इंटरनेशनल क्रिकेट में मिलनी चाहिए जगह?

क्या है ‘टेस्ट ट्वेंटी’, 80 ओवर का क्रिकेट फॉर्मेट, क्या इंटरनेशनल क्रिकेट में मिलनी चाहिए जगह?

टेस्ट ट्वेंटी 80 ओवर का क्रिकेट फॉर्मेट है, जो टेस्ट और टी20 का मिश्रण है. यह खिलाड़ियों को तकनीक और आक्रामकता दोनों दिखाने का मौका देता है.

Written By: Satyam Sengar
Last Updated: 2026-01-30 20:32:27

Mobile Ads 1x1
 
क्रिकेट में जब भी फॉर्मेट्स की बात होती है तो टेस्ट, वनडे और टी20 का नाम सबसे पहले आता है. लेकिन इन सबके बीच एक ऐसा मुकाबला भी खेला जाता है, जो टेस्ट की गंभीरता और टी20 की रफ्तार दोनों का मजा एक साथ देता है. इसी 80 ओवर के मैच को लोग आम बोलचाल में “टेस्ट ट्वेंटी” कहने लगे हैं. इसे अभी तक इंटरनेशनल स्तर पर नहीं खेला गया है. लेकिन विदेशों में अब भी लोकल टूर्नामेंट्स के रूप में इस फॉर्मेट में खिलाड़ी खेलना पसंद करते हैं.
 
यह फॉर्मेट आमतौर पर 40-40 ओवर का होता है. यानी टीमों के पास समय भी होता है और रन बनाने की आज़ादी भी होती है. शुरुआत में बल्लेबाज जल्दबाजी नहीं करते. वे पिच को समझते हैं, गेंदबाजों को परखते हैं और धीरे-धीरे अपनी पारी जमाते हैं. लेकिन जैसे-जैसे ओवर कम होते जाते हैं, खेल का रंग बदल जाता है. फिर चौके-छक्कों की बरसात शुरू होती है और रन रफ्तार पकड़ लेते हैं. गेंदबाजों के लिए भी यह मुकाबला आसान नहीं होता. 
 
न्हें लगातार योजना बनानी पड़ती है. जैसे कब आक्रमण करना है और कब रन रोकने हैं. कप्तान भी फील्डिंग में बदलाव करता रहता है. यानी यहां सिर्फ ताकत नहीं, दिमाग का इस्तेमाल ज्यादा जरूरी होता है. स्कूल, कॉलेज और क्लब क्रिकेट में यह फॉर्मेट खासा लोकप्रिय है, क्योंकि यह खिलाड़ियों को सीखने का मौका देता है. न मैच बहुत लंबा होता है और न ही जल्दी खत्म होता है. करीब 5-6 घंटे में नतीजा सामने आ जाता है, जिससे दर्शकों का रोमांच भी बना रहता है.

हरभजन और डिविलियर्स ने की सराहना

टेस्ट ट्वेंटी फॉर्मेट को लेकर दिग्गज क्रिकेटरों ने भी खुलकर अपनी राय रखी है. दक्षिण अफ्रीका के पूर्व कप्तान एबी डिविलियर्स का मानना है कि यह फॉर्मेट क्रिकेट के लिए एक नई दिशा लेकर आया है. वहीं भारत के पूर्व स्पिनर हरभजन सिंह ने भी इस प्रारूप की सराहना करते हुए कहा, “क्रिकेट को एक नई ऊर्जा और नई धड़कन की जरूरत थी. ऐसा फॉर्मेट चाहिए था जो आज की युवा पीढ़ी को खेल की असली भावना से जोड़े.

MORE NEWS