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नई दिल्ली. क्रिकेट के इतिहास में सुनिल गावस्कर (Sunil Gavaskar) का नाम हमेशा याद रखा जाएगा. 1987 में लॉर्ड्स में हुए MCC बिसेंटेनरी मैच में उन्होंने वर्ल्ड XI के लिए 188 रन बनाए. इस मैच में उन्होंने इमरान खान के साथ पांचवें विकेट के लिए 180 रन की साझेदारी की. यह साझेदारी बहुत खास थी, क्योंकि दोनों महान खिलाड़ी जो कि अलग अलग देश भारत-पाकिस्तान के थे, फिर भी उन्होंने साथ मिलकर शानदार बल्लेबाजी की. हालांकि, यह मैच ड्रॉ रहा था.
आज उस पुरानी दोस्ती का असर एक अलग तरीके से देखा जा सकता है. 38 साल के बाद इसी महीने फरवरी 2026 में गावस्कर उन 14 पूर्व कप्तानों में शामिल थे, जिन्होंने एक लेटर जारी कर जेल में रह रहे इमरान खान के लिए उचित और सुरक्षित व्यवहार की मांग की. पत्र में कहा गया कि इमरान खान को समुचित इलाज, सम्मानजनक परिस्थितियां और अच्छी कानूनी प्रक्रिया मिलनी चाहिए.
In 1987, playing for a World XI, Sunil Gavaskar scored 188 at Lord’s against the MCC – his only century in any format at Lord’s.
On a rare occasion, Gavaskar and Imran Khan batted together for the World XI, adding 180 runs for the fifth wicket. pic.twitter.com/QTRn7aHynO
— Cricketopia (@CricketopiaCom) February 19, 2026
दोनों ले चुके हैं संन्यास
इसमें किसी भी तरह की राजनीति नहीं है, सिर्फ मानवता और खेल की दोस्ती को महत्व दिया गया है. गावस्कर और बाकी पूर्व कप्तानों ने दिखाया कि क्रिकेट के जरिए बने रिश्ते सिर्फ मैदान तक ही नहीं रहते, बल्कि जिंदगी और इंसानियत में भी काम आते हैं. सुनील गावस्कर ने साल 1987 में तो वहीं, इमरान खान ने 1992 में क्रिकेट से संन्यास लिया था.
दोस्ती का असली मतलब
गावस्कर के लिए इमरान खान सिर्फ एक प्रतिद्वंद्वी नहीं थे. लॉर्ड्स में की गई साझेदारी और आज उनके समर्थन में खड़े होना यह दिखाता है कि सच्ची दोस्ती और सम्मान समय और सीमाओं से ऊपर होती है. क्रिकेट ने इन्हें जोड़ा और ये रिश्ता आज भी मजबूत है. हालांकि, दोनों ही क्रिकेट से काफी दूर हैं. सुनील गावस्कर भारत में क्रिकेट कॉमेंट्री करते नजर आते हैं तो वहीं, इमरान खान फिलहाल पाकिस्तान की जेल में कैद हैं.