Sanju Samson: भारतीय टीम ने एक बार टी20 वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम कर लिया है. भारत ने रविवार (8 मार्च) को अहमदाबाद में न्यूजीलैंड को हराकर तीसरी बार टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उठाई. भारत की इस ऐतिहासिक जीत में स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन का अहम योगदान रहा. संजू सैमसन (Sanju Samson) ने फाइनल में 46 गेंदों पर 89 रनों की तूफानी पारी खेली. इससे पहले संजू सैमसन ने सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 42 गेंदों पर 89 रन बनाए थे, जबकि सुपर-8 में वेस्टइंडीज के खिलाफ 97 रनों की नाबाद पारी खेली थी. संजू सैमसन ने लगातार 3 अर्धशतक लगाकर भारत को विश्व कप जिताया. संजू के शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड भी दिया गया. हालांकि इस टूर्नामेंट की शुरुआत में संजू सैमसन भारतीय टीम की प्लेइंग-11 में अपनी जगह तक नहीं बना पा रहे थे. संजू सैमसन को ग्रुप स्टेज में सिर्फ नामीबिया के खिलाफ खेलने का मौका मिला, क्योंकि अभिषेक शर्मा (Abhishek Sharma) पेट के इन्फेक्शन से जूझ रहे थे.
नामीबिया के खिलाफ संजू सैमसन ने सिर्फ 8 गेंदों पर 22 रन बनाए, लेकिन फिर उन्हें अगले मैच में ड्रॉप कर दिया गया. फिर आखिरकार सुपर-8 में जिम्बाब्वे के खिलाफ कोच गौतम गंभीर और कप्तान सूर्यकुमार यादव ने संजू सैमसन को प्लेइंग-11 में मौका दिया, जिसके बाद उन्होंने फाइनल तक लगातार शानदार प्रदर्शन किया. हालांकि संजू सैमसन का बीच टूर्नामेंट में प्लेइंग-11 में आना फैंस के लिए हैरान करने वाला फैसला था. टीम मैनेजमेंट की ओर से कहा गया कि टी20 वर्ल्ड कप से पहले संजू सैमसन के लिए न्यूजीलैंड सीरीज काफी मुश्किल रही थी, जिसके चलते उन्हें ब्रेक दिया गया था. इसके बावजूद भी कुछ लोगों के मन में सवाल है क्या यही असली वजह थी. पढ़ें पूरी इनसाइड स्टोरी…
अभिषेक-ईशान की जोड़ी फ्लॉप होने पर मिला मौका!
भारत ने टूर्नामेंट की शुरुआत में अभिषेक शर्मा और ईशान किशन को ओपनिंग की जिम्मेदारी दी. दोनों खिलाड़ी बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं, जिसके चलते विपक्षी टीम उनके सामने ऑफ-स्पिनर को गेंद थमा देती थी. पावरप्ले में अभिषेक और ईशान की जोड़ी ऑफ-स्पिन के सामने फ्लॉप साबित रही. हालांकि ईशान (Ishan Kishan) ने कुछ मैचों में एक छोर से रन बनाए, लेकिन अभिषेक शर्मा के बल्ले से रन बिल्कुल नहीं आ रहे थे. हालांकि टीम अपने सभी मैच जीत रही थी. फिर ग्रुप स्टेज खत्म होने के बाद सुपर-8 के पहले मुकाबले में भी भारत इसी ओपनिंग जोड़ी के साथ उतरा. इस बार भारत को साउथ अफ्रीका के खिलाफ 76 रनों से करारी हार का सामना करना पड़ा.
अभिषेक शर्मा और ईशान किशन के बल्ले से इस मुकाबले में रन नहीं आए. यह ओपनिंग जोड़ी पावरप्ले में स्पिनर्स के सामने बेबस दिखाई दे रही थी. ऐसे में कोच गौतम गंभीर ने बदलाव करने का फैसला किया. कोच ने संजू सैमसन की प्लेइंग-11 में वापसी कराई. अगले मुकाबले में जिम्बाब्वे के खिलाफ संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा ओपनिंग करने उतरे, जबकि ईशान किशन तीसरे नंबर पर चले गए. इस मुकाबले में संजू सैमसन ने भारत को तेज शुरुआत दिलाई और अभिषेक शर्मा के बल्ले से भी अर्धशतकीय पारी आई. इसके बाद संजू सैमसन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ वर्चुअल क्वार्टरफाइनल, सेमीफाइनल और फिर फाइनल में शानदार प्रदर्शन करके भारतीय टीम को वर्ल्ड चैंपियन बनाया.
रिंकु सिंह के चलते मिला मौका?
एक तरफ तो कहा गया कि ऑफ-स्पिन के खिलाफ ओपनिंग जोड़ी के फ्लॉप होने की वजह से संजू सैमसन की प्लेइंग-11 में वापसी हुई, जो कि टीम की रणनीति का हिस्सा है. हालांकि इसका एक दूसरा पहलू भी है, जिससे पता चलता है कि शायद संजू सैमसन को मजबूरी में सुपर-8 में प्लेइंग-11 में शामिल करना पड़ा. दरअसल, जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले रिंकु सिंह के पिता की तबीयत खराब हो गई थी, जिसके चलते रिंकु सिंह (Rinku Singh) अपने घर लौट गए थे. हालांकि वह मैच से एक दिन पहले वापस आ गए थे, लेकिन वह टीम के साथ प्रैक्टिस नहीं कर पाए थे. ऐसे में रिंकु सिंह की गैरमौजूदगी में संजू सैमसन को प्लेइंग-11 में शामिल करना पड़ा. इस मुकाबले के बाद रिंकु सिंह पर भी दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. रिंकु के पिता की लिवर कैंसर से मौत हो गई. ऐसे में रिंकु सिंह वापस अपने घर लौट गए, लेकिन फिर अगले मुकाबले से पहले टीम से जुड़ गए.
संजू को कोच गंभीर का संदेश?
वर्ल्ड चैंपियन बनने के बाद संजू सैमसन ने कई बड़े खुलासे किए. इस दौरान संजू ने बताया कि सुपर-8 में अहमदाबाद में भारत को साउथ अफ्रीका से मिली हार के बाद गौतम गंभीर ने जिम में उनसे मुलाकात की थी. गंभीर ने संजू को कहा था कि वह अगले मैचों में प्लेइंग-11 में खेलेंगे. संजू सैमसन ने कहा, ‘गौतम भाई मुझसे जिम में मिले और वहीं उन्होंने मुझसे कहा, ‘संजू, तैयार रहो, तुम अगला मैच खेलने वाले हो. मैंने कहा, ‘अब आने दो.’ संजू ने आगे कहा कि उन्हें अपनी टीम के साथियों से जगह के लिए प्रतियोगिता करना पसंद नहीं है, लेकिन जब साथ होते हैं और किसी लक्ष्य के लिए लड़ते हैं, तो वे अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं.
संजू सैमसन ने भारत को जिताया विश्व कप
संजू सैमसन ने ग्रुप स्टेज में सिर्फ एक मैच खेला, जिसके बाद सुपर-8 में उनकी वापसी हुई. पहले जिम्बाब्वे के खिलाफ संजू सैमसन ने 24 रन बनाए. इसके बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रनों की पारी खेलकर टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाया. फिर सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 89 रनों की तूफानी पारी खेलकर मजबूत स्कोर तक पहुंचाया, जिससे भारत ने जीत हासिल की. इसके बाद फाइनल में भी संजू सैमसन ने 89 रनों की पारी खेलकर भारतीय टीम की जीत सुनिश्चित की. संजू सैमसन ने इस टूर्नामेंट में भारत के लिए सिर्फ 5 मैच खेले, जिनमें उन्होंने भारतीय टीम के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए. संजू सैमसन के बल्ले से सिर्फ 5 पारियों में 199.37 के स्ट्राइक रेट से 321 रन आए. इस दौरान संजू ने 24 छक्के भी लगाए, जो टी20 वर्ल्ड कप के एक एडिशन में सबसे ज्यादा हैं.