WWE Struggle Story: ड्वेन जॉनसन, जिन्हें आज पूरी दुनिया द रॉक (The Rock) के नाम से जानती है, उनकी सफलता रातों-रात नहीं मिली. चमक-दमक, शोहरत और करोड़ों की कमाई के पीछे एक ऐसा संघर्ष छिपा है, जिसे जानकर कोई भी हार मानने से पहले दो बार सोचेगा. ड्वेन का जन्म 1972 में एक ऐसे परिवार में हुआ, जहां रेसलिंग खून में थी. उनके पिता रॉकी जॉनसन और नाना पीटर मैविया प्रोफेशनल रेसलर थे, लेकिन इसका मतलब यह नहीं था कि उनका बचपन आसान रहा.
परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी. एक समय उनके पास खाना खरीदने तक के पैसे नहीं थे. ड्वेन खुद बताते हैं कि उन्होंने 11 साल की उम्र में चोरी तक की, क्योंकि हालात मजबूर कर रहे थे. युवावस्था में उन्होंने फुटबॉल को अपना भविष्य बनाने का सपना देखा. कॉलेज फुटबॉल में उन्होंने कड़ी मेहनत की और कनाडा की प्रोफेशनल टीम के लिए भी चुने गए, लेकिन वहां उन्हें बेंच पर बैठना पड़ा.
शुरुआत में झेली नापसंदगी
अचानक आई चोट ने उनके फुटबॉल करियर को पूरी तरह खत्म कर दिया. यही वह दौर था, जब उनके पास जेब में सिर्फ सात डॉलर थे और आत्मविश्वास बुरी तरह टूट चुका था. फुटबॉल से निराश होकर ड्वेन ने वही रास्ता चुना, जिसे वह पहले अपनाना नहीं चाहते थे. वह थी रेसलिंग. लोगों ने उन्हें सिर्फ ‘किसी रेसलर का बेटा’ कहकर नकार दिया. WWE में शुरुआती समय में उन्हें दर्शकों की नापसंदगी झेलनी पड़ी, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. धीरे-धीरे उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई और ‘द रॉक’ बन गए.
8000 करोड़ की नेटवर्थ
रेसलिंग की ऊंचाइयों को छूने के बाद भी उन्होंने खुद को सीमित नहीं किया. हॉलीवुड में कदम रखा, जहां शुरुआती फिल्में खास कमाल नहीं दिखा पाईं. आलोचना हुई, असफलताएं मिलीं, लेकिन उन्होंने खुद पर भरोसा बनाए रखा. आज वही ड्वेन जॉनसन दुनिया के सबसे सफल और सबसे ज्यादा कमाई करने वाले अभिनेताओं में शामिल हैं. रिपोर्ट के अनुसार द रॉक की नेटवर्थ 6,600 करोड़ से 8300 करोड़ रुपए के बीच है. WWE रिंग में अगर आज भी उनकी एंट्री होती है तो लोग खुशी से झूम उठते हैं.