उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. रायबरेली के हरचंदपुर थाना क्षेत्र के रघुवरीगंज बाजार में रहने वाले कुम्हार मोहम्मद सईद को केंद्रीय जीएसटी विभाग से 1.25 करोड़ रुपये का नोटिस मिला है.
सईद, जो 2 रुपये के मिट्टी के कुल्हड़ और बर्तन बेचकर परिवार चलाते हैं, ने इसका आरोप अपने पैन और आधार कार्ड के दुरुपयोग पर लगाया है. उनके नाम पर बिहार के पटना या सीवान में चार फर्जी फर्में रजिस्टर्ड हैं.
क्या है पूरा मामला
सईद अनपढ़ हैं और परिवार के पांच सदस्यों का पालन-पोषण मिट्टी के बर्तनों से करते हैं. कुछ साल पहले गांववाले की मदद से लोन के लिए पैन और आधार बनवाया, लेकिन उनके दस्तावेज खो गए. उन्होंने बताया, ‘पहला नोटिस 6-7 महीने पहले नवरात्रि के दौरान आया, लेकिन समझ न आने पर नजरअंदाज कर दिया. 15 फरवरी को दूसरा नोटिस आया, जिसमें 1,00,25,297 रुपये की जीएसटी देनदारी बताई गई.’ यह नोटिस वैशाली प्रभा मंडल, हाजीपुर से जारी हुआ है.
सईद के दो बेटे फरीद (20) और मना (18) चाक पर बर्तन बनाते हैं, जबकि बेटियां घर संभालती हैं. परिवार हैरान है कि इतनी कम कमाई पर इतना बड़ा टैक्स कैसे? सईद बोले, “अगर हम निर्दोष हैं तो नोटिस वापस लो, वरना चोरों जैसा सजा दो.”
फर्जीवाड़े की आशंका
नोटिस के अनुसार, सईद के नाम पर ‘भारत एंटरप्राइजेज’ जैसी फर्में 2022-23 और 2023-24 में करोड़ों का लेन-देन दिखा रही हैं. परिवार का सालाना कारोबार भी इतना नहीं है. सईद ने जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय में शिकायत की है और जांच की मांग की है. अधिकारियों ने अभी तक कोई औपचारिक जवाब नहीं दिया है. यह मामला पैन दुरुपयोग से जुड़े बड़े फ्रॉड को उजागर करता है.
मुश्किलों में फंसा परिवार
सईद का परिवार मुश्किलों में घिर गया है. परिवार के पास न फैक्ट्री है, न कोई चल-अचल संपत्ति है. इस नोटिस से परिवार में हड़कंप मच गया. सईद ने कहा, “हमारे पास नोटिस की 1% संपत्ति भी नहीं है.” यह घटना छोटे व्यापारियों के लिए चेतावनी है कि अपने दस्तावेज सुरक्षित रखें और किसी से इसकी जानकारी न शेयर करें, जिससे फ्रॉड से बच सकें.