Anant Singh MLA: बाहुबली विधायक अनंत सिंह मंगलवार को विधायक पद की शपथ लेंगे. पटना सिविल कोर्ट के फैसले के बाद उनके शपथ ग्रहण का रास्ता साफ हो गया है. कोर्ट के आदेश के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच जेल से विधानसभा लाया जाएगा. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अनंत सिंह को सिर्फ शपथ लेने के लिए कोर्ट से इजाजत मिली है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुलारचंद यादव हत्याकांड में उन्हें जमानत नहीं मिली है. इसका मतलब है कि शपथ ग्रहण की प्रक्रिया पूरी करने के बाद वह वापस बेउर जेल लौट जाएंगे.
अनंत सिंह फिलहाल दुलारचंद यादव हत्याकांड के सिलसिले में पटना की बेउर जेल में न्यायिक हिरासत में हैं. वह तीन महीने बाद शपथ लेने के लिए जेल से बाहर आ रहे हैं.
कोर्ट से नहीं मिली जमानत
गौरतलब है कि दुलारचंद हत्याकांड में सिविल कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद बाहुबली ने 24 दिसंबर को हाई कोर्ट में अर्जी दी थी, लेकिन जिस कोर्ट में सुनवाई होनी थी, वहां के जज ने मामले की सुनवाई से इन्कार कर दिया. अब मामले की सुनवाई दूसरे कोर्ट में होगी. अनंत सिंह ने अभी तक विधायक पद की शपथ नहीं ली है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बिहार विधानसभा में 242 विधायक पहले ही शपथ ले चुके हैं. बाहुबली अनंत सिंह ने शपथ नहीं ली है. अनंत सिंह जेल में हैं, इसलिए वह शपथ नहीं ले पाए.
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क्या कहता है कानून?
संविधान के अनुच्छेद 188 और 193 में विधायकों की शपथ से जुड़ी प्रक्रिया और अधिकारों का ज़िक्र है. अनुच्छेद 188 में साफ तौर पर कहा गया है कि हर विधायक को पद संभालने से पहले शपथ लेनी होगी. जब तक कोई विधायक शपथ नहीं लेता, तब तक वह सदन की किसी भी कार्यवाही में हिस्सा नहीं ले सकता. जब तक वे शपथ नहीं लेते, तब तक वे विधानसभा सदस्य होने के अधिकारों का लाभ नहीं उठा सकते. इसका मतलब है कि उन्हें वेतन या भत्ते नहीं मिलेंगे. अगर कोई विधायक बिना शपथ लिए सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेता है, तो उसे अनुच्छेद 193 के तहत प्रति बैठक 5000 रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है.