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West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखें धीरे-धीरे पास आती जा रही है और इसके साथ ही राजनीति गलियारों में हलचल तेज होती जा रही हैं. राजनीतिक पार्टियां एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रही है. इसी कड़ी में बीजेपी नेता नवनीत राणा ने भी हुमायूं कबीर के बारे में एक ऐसी ही टिप्पणी की है.
बीजेपी नेता नवनीत राणा का यह बयान आग की तरह फैल रहा है. उन्होंने विपक्षी नेताओं पर तीखा हमला बोला और देश की राजनीति, संविधान और धर्मनिरपेक्षता के बारे में अपने विचार व्यक्त किए. उनके बयान का एक खास हिस्सा, जिसमें उन्होंने पश्चिम बंगाल की सत्ता संरचना और नेतृत्व पर टिप्पणी की थी ने खास तौर पर सबका ध्यान खींचा है. चलिए विस्तार से जानें कि आखिर बीजेपी नेता नवनीत राणा ने ऐसा क्या कहा जिससे सोशल मीडिया पर बवाल मच गया.
बीजेपी नेता नवनीत राणा ने हुमायूं कबीर पर क्या टिप्पणीं की?
BJP नेता नवनीत राणा ने विपक्ष को संविधान और सामाजिक सद्भाव का विरोधी बताया. कुछ लोग ऐसे सपने देख रहे हैं जो कभी पूरे नहीं हो सकते. उन्होंने हुमायूं कबीर का ज़िक्र करते हुए खास टिप्पणियां भी कीं, और सुझाव दिया कि ऐसे सपने देखने से पहले, उन्हें दो बार या शायद कई बार सोचना चाहिए.
BJP नेता नवनीत राणा ने ज़ोर देकर कहा कि भले ही कबीर के वंश की सात पुश्ते आ जाएं, लेकिन कोई बुर्का पहनने वाली न तो राज्य में सीएम बन सकती है न तो मेयर और न ही उनके खेमे का कोई व्यक्ति कभी मुख्यमंत्री बन सकता है. हुमायूं कबीर को ऐसी बात का सपना देखने की हिम्मत करने से पहले सौ बार सोचना चाहिए.
नवनीत राणा ने इसे राम और अंबेडकर की धरती बताया
भारत की सांस्कृतिक पहचान विशेष रूप से ‘राम की धरती’ के रूप में और डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान का हवाला देते हुए, नवनीत राणा ने धर्मनिरपेक्षता की व्याख्या के संबंध में अपने विचार व्यक्त किए. उनके बयान का एक हिस्सा सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह राजनीतिक विवाद और गहरा गया. नेता राणा ने देश के संविधान और ‘धर्मनिरपेक्ष’ शब्द की एक अलग ही व्याख्या पेश की.
कब हैं बंगाल में चुनाव?
बता दें कि, बंगाल में चुनाव दो चरणों में होने वाले हैं. पहले चरण का चुनाव 23 अप्रैल 2026 को होगा और दूसरे चरण का चुनाव 29 अप्रैल 2026 को होने वाला है. वहीं 4 मई 2026 को परिणाम आएंगे.