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West Bengal Assembly Election 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 जल्द ही होने वाले हैं. जिसके लिए बीजेपी और ममता सरकार पूरी तैयारी में जुट चुकी है. 14 मार्च को PM नरेंद्र मोदी ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड ग्राउंड में एक बड़ी रैली करेंगे. इससे विधानसभा चुनाव के लिए BJP का बिगुल बजेगा. BJP यह चुनाव किसी भी कीमत पर जीतना चाहती है, क्योंकि उसे अभी ममता बनर्जी के गढ़ में सेंध लगानी है.
ममता बनर्जी का सबसे बड़ा वोट बैंक उनका M फैक्टर. जिसका तोड़ निकालना बीजेपी के लिए एक बड़ी चुनौती है. ऐसे में यह जानना भी काफी दिलचस्प हो जाता है कि आखिर ‘ममता दीदी’ का ये M फैक्टर क्या है जिसको लेकर बीजेपी रणनीति तैयार कर रही है.
क्या हैं ममता दीदी का M फैक्टर?
बंगाल में सीएम ममता बनर्जी का M फैक्टर का मतलब है महिलाएं और मुस्लिम. जिसका तौर बीजेपी निकाल रही है. असल में, बिहार और महाराष्ट्र में महिलाओं को फाइनेंशियल मदद की वजह से NDA को जीत मिली. पार्टी नेताओं को भरोसा है कि BJP बंगाल में भी महिलाओं के लिए फाइनेंशियल मदद का एलान करेगी.
राज्य की पॉलिटिक्स में मुस्लिम वोट बैंक का अहम रोल है. माना जाता है कि ममता बनर्जी इसी वोट बैंक की वजह से लगातार सत्ता में बनी हुई हैं. पॉलिटिकल एनालिस्ट का कहना है कि मुस्लिम-बहुल सीटों पर पैटर्न में थोड़ा सा भी बदलाव चुनाव नतीजों पर असर डाल सकता है.
बीजेपी के लिए क्या है चुनौती?
सीएम ममता बनर्जी के M फैक्टर में BJP की सबसे बड़ी चुनौती मुस्लिम वोट बैंक में सेंध लगाना है. इसके अलावा, उसके सामने ममता बनर्जी की कैश मदद स्कीम को चुनौती देने की भी चुनौती है. BJP का मानना है कि राज्य में कई सीटें उसके लिए मुश्किल बनी हुई हैं. BJP नेताओं का कहना है कि राज्य में 35 सीटें ऐसी हैं जहां मुस्लिम आबादी अच्छी-खासी है, और इन सीटों पर TMC को सपोर्ट है. हालांकि, इन इलाकों के बाहर BJP का वोट शेयर बढ़ा है और नेताओं का कहना है कि पार्टी इसे और बढ़ाने की कोशिश कर रही है.
एक दशक में BJP का सपोर्ट बेस बढ़ा है
हालांकि, पिछले एक दशक में पश्चिम बंगाल में BJP का सपोर्ट बेस बढ़ा है. 2021 के विधानसभा चुनाव से पहले, पार्टी के पास सिर्फ तीन सीटें थीं, लेकिन 2021 के चुनाव में BJP ने 77 सीटें जीतीं. इसके अलावा, 2019 के लोकसभा चुनाव में उसने 18 सीटें जीतीं, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में BJP को सिर्फ 12 सीटें मिलीं.