बेंगलुरु के एक व्यक्ति ने दावा किया कि एआई-संचालित ट्रैफिक कैमरे ने उसके गिटार को बिना हेलमेट वाले पीछे बैठा यात्री समझ लिया और उसे 500 रुपये का चालान जारी कर दिया.
AI ट्रैफिक कैमरे ने गिटार को समझ लिया इंसान, कट गया 500 का चालान
बेंगलुरु में एक अजीबोगरीब ट्रैफिक चालान ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी है. एक व्यक्ति का दावा है कि एआई-संचालित ट्रैफिक कैमरे ने उसकी पीठ पर टंगी गिटार को हेलमेट न पहने हुए पीछे बैठे व्यक्ति समझ लिया.
सौविक दत्ता ने बताया कि वह अपनी पत्नी के इलेक्ट्रिक स्कूटर पर अकेले हेलमेट पहने हुए जा रहे थे. जब स्वचालित ट्रैफिक कैमरे ने कथित उल्लंघन को रिकॉर्ड किया, तब उनके कंधों पर गिटार टंगा हुआ था.
दत्ता के अनुसार, स्कूटर की सवारी के कुछ दिनों बाद, उनकी पत्नी को “हेलमेट के बिना पीछे बैठने” के लिए 500 रुपये का जुर्माना वाला एक आधिकारिक यातायात उल्लंघन नोटिस मिला. दत्ता ने कहा कि स्कूटर पर कोई पीछे बैठने वाला यात्री नहीं था और दावा किया कि सिस्टम ने गलती से उनके गिटार को किसी और व्यक्ति का गिटार समझ लिया था. उन्होंने एआई-आधारित यातायात निगरानी में हुई इस त्रुटि को उजागर करने के लिए चालान और तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर किया.
I was riding my wife’s two-wheeler alone with my guitar slung on my back in Bangalore. @blrcitytraffic my wife received a traffic challan (notice no. 86202541) for “pillion riding without helmet”. So much for AI based traffic violation detection! Pls revoke the challan #AISlop https://t.co/fYCn9OoUNQ
— Souvik Dutta (@souvikonline) September 26, 2026
नोटिस की जानकारी साझा करते हुए दत्ता ने बेंगलुरु ट्रैफिक अधिकारियों को टैग किया और स्वचालित प्रणाली की सटीकता पर सवाल उठाया. उन्होंने लिखा, “मैं बेंगलुरु में अपनी पत्नी की दोपहिया गाड़ी पर अकेला गिटार पीठ पर टांगकर जा रहा था.” उन्होंने आगे बताया कि “हेलमेट के बिना पीछे बैठने” के लिए चालान जारी किया गया है. उन्होंने अधिकारियों से चालान रद्द करने की अपील की और #AISlop हैशटैग का इस्तेमाल किया.
इस असामान्य चालान ने तुरंत ऑनलाइन ध्यान आकर्षित किया और घटना ने एआई-आधारित यातायात प्रवर्तन की विश्वसनीयता पर बहस छेड़ दी. कुछ यूजर्स ने सवाल उठाया कि सिस्टम गिटार को पीछे बैठे यात्री कैसे समझ सकता है, जबकि अन्य ने बहस की कि क्या स्वचालित चालान जारी करने से पहले मानवीय सत्यापन होना चाहिए। इस घटना ने यह सवाल भी उठाया है कि अधिकारी स्वचालित यातायात निगरानी प्रणालियों द्वारा उत्पन्न गलत चालानों से कैसे निपटते हैं.
कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से लैस ट्रैफिक कैमरों का उपयोग उल्लंघन का स्वचालित रूप से पता लगाने के लिए तेजी से किया जा रहा है. हालांकि, इस मामले में हुई कथित गलती ने असामान्य वस्तुओं या स्थितियों को समझने में कैमरों की त्रुटियों की संभावना को उजागर किया है.
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