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आखिर कौन हैं कांति देवी, और क्यों ‘मशरूम लेडी’ के नाम से हैं प्रसिद्ध?

बिहार के मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur District) की रहने वाली कांति देवी (Kanti Devi) की सफलता की कहानी (Success Story) से हजारों महिलाएं प्रेरणा (Inspirational for womens) ले रही हैं. उन्होंने यह साबित किया कि खेती करने के बाद भी आप बड़े सपने देख सकते हैं.

Written By: Darshna Deep
Last Updated: 2026-01-27 12:38:59

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Kanti Devi Success Story: कौन कहता है कि महिलाएं आज के दौर में किसी पुरुष से कम है. इस बात को एक बार फिर से बिहार के मुजफ्फरपुर की रहने वाली कांति देवी ने गलत साबित कर दिया. आज वह उन हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन चुकी हैं, जो देशभर में अपनी पहचान बनाने के लिए काफी लगन से काम के साथ-साथ मेहनत कर रही हैं. एक बेहद ही साधारण परिवार से आने वाली कांति देवी ने खेती को केवल अपना पूरा जीवन नहीं बनाया है बल्कि उन्होंने यह साबित किया कि महिलाएं अगर ठान लें तो सब कुछ कर सकती हैं. 

कांति देवी की संघर्ष से सफलता की कहानी

कांति देवी की यात्रा जितनी आसान लगती है उतनी है नहीं. उनका जीवन संघर्ष के साथ-साथ बेहद ही चुनौतियों से भरा हुआ था. ग्रामीण परिवेश में जहां महिलाओं की भूमिका ज्यादातर घरेलू कामकाज तक सीमित रहती है तो वहीं, उन्होंने खेत में काम करने के बाद भी अपनों सपनों को उड़ान दिया. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी महसूस किया कि पारंपरिक खेती यानी गेहूं-धान में कम मुनाफा देखने को मिल रहा. तो वहीं, दूसरी तरफ इस गंभीर समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए उन्होंने कृषि विशेषज्ञों से सलाह लेने के बाद नई तकनीकों पर काम करना शुरू कर दिया और अपने सपनों को उड़ान देने के लिए उन्होंने दिन रात एक कर दिया. 

मशरूम की खेती ने कैसे बदला उनका जीवन?

कांति देवी की सफलता में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब उन्होंने मशरूम की खेती की शुरुआत की. इसके साथ ही उन्होंने बहुत कम लागत के साथ-साथ छोटी सी जगह में मशरूम उगाना शुरू कर दिया. इतना ही नहीं, मशरूम की मांग के साथ-साथ उसके गुणों को पहचानते हुए उन्होंने इसे एक व्यवसाय का रूप दिया. तो वहीं, उनकी मेहनत का ही परिणाम था कि उन्हें पूरे मुजफ्फरपुर में ‘मशरूम लेडी’ के नाम से सब पहचाने लगे. 

इतना ही नहीं, उन्होंने ‘स्वयं सहायता समूहों’ के जरिए से गांवों की अन्य महिलाओं को भी यह काम करने के लिए पूरी तरह से प्ररित किया. इसके साथ ही उन्होंने यह भी सिखाया कि कैसे घर के अंदर रहकर भी आप खेती के माध्यम से आर्थिक आजादी पूरी तरह से पा सकते हैं. तो वहीं, उनके  मार्गदर्शन में सैंकड़ों परिवार जैविक खेती और मशरूम उत्पादन से जुड़कर अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. 

कांति देवी ने जैविक खेती पर दिया खास ध्यान 

दरअसल, उन्होंने जैविक खेती (Organic Farming) पर सबसे ज्यादा ज़ोर दिया. जहां,  रासायनिक खादों के दुष्प्रभावों (Side Effects) को ध्यान में रखते हुए उन्होंने वर्मी कंपोस्ट और प्राकृतिक कीटनाशकों के इस्तेमाल को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देने का काम किया.  जिससे न सिर्फ फसल की गुणवत्ता सुधरी, बल्कि मिट्टी में भी सुधार देखने को मिला. तो वहीं, उनकी इस दूरदर्शिता ने उन्हें स्थानीय बाजारों से उठाकर राष्ट्रीय मंचों तक पहुंचाने का काम किया. 

कांति देवी बनीं हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणास्त्रोत 

कांति देवी का सफर यह साबित करता है कि अगर आपके इरादे मजबूत हों तो एक साधारण किसान भी अपने जीवन को पूरी तरह से बदल सकता है. उनका यह सफर आज हजारों महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है जो छोटे जगहों पर रहने के बाद भी बड़े सपने देखने का दम रखती हैं. 

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