Live
Search
Home > अजब गजब न्यूज > अब ताजमहल नहीं, बिहार का ये मंदिर पूरे विश्व में जाना जाएगा प्यार का सबसे बड़ा प्रतीक

अब ताजमहल नहीं, बिहार का ये मंदिर पूरे विश्व में जाना जाएगा प्यार का सबसे बड़ा प्रतीक

बिहार के पूर्वी चंपारण (East Champaran) से बेहद ही दिल को छू लेने वाला मामला (Heart Warming Moment) सामने आया है. जहां, एक किसान ने अपनी पत्नी की याद में मंदिर बनाया है.

Written By: Darshna Deep
Last Updated: February 14, 2026 14:57:40 IST

Mobile Ads 1x1

65 Foot High Temple: बिहार के पूर्वी चंपारण से बेहद ही अनोखा मामला सामने आया है. जहां, एक बाल किशन राम नाम के किसान ने अपनी दिवंगत पत्नी की याद में वो कर दिखाया है जिसके बारे में आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं. उन्होंने प्यार की ऐसी मिसाल पेश की है, आप देखकर हैरान हो जाएंगे. 

आखिर क्या है दिल छुने वाला मामला?

बिहार के पूर्वी चंपारण के रहने वाले बाल किशुन राम ने अपनी दिवंगत पत्नी शारदा देवी की याद में एक 65 फुट का ऊंचा भव्य मंदिर बनाकर प्यार की अनोखी मिसाल पेश की है. दरअसल, यह मंदिर न सिर्फ एक प्यार का सुंदर नूमना है बल्कि उस गहरे प्रेम और समर्पण का प्रतीक है, जो किसी के जाने के बाद भी हमेशा के लिए अमर रहता है. तो वहीं, इस भव्य मंदिर को देखने के बाद स्थानीय लोगों ने इससे चंपारण का ताजमहल करार दिया है. 

किसान ने पेश की प्यार की अनूठी मिसाल

जहां, आज भी भारत के इतिहास में शाहजहां द्वारा अपनी बेगम मुमताज की याद में बनवाया गया ताजमहल प्रेम का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है. लेकिन, अब आज के दौर में बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर ब्लॉक के बखरी गांव में किसान ने प्यार की बेहद ही अनूठी मिसाल पेश की है. यहां के रहने वाले बाल किशुन राम ने अपनी पत्नी की याद में अपने प्रेम की जीवित रखने के लिए बेहद ही खूबसूरत मंदिर बनाया है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.

 सदमे से बाहर आने के बाद बनाया मंदिर

जानकारी के मुताबिक, उनकी पत्नी शारदा देवी का निधन कुछ सालों पहले ही हो गया था, जिसके बाद वह कई महीनों तक एक गहरे सदमे में चले गए थे. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी तय किया था वे अपनी पत्नी की यादों को सिर्फ अपने दिलों में जिंदा नहीं रखेंगे, बल्कि कुछ ऐसा करेंगे जिससे हर कोई उनके इस प्रेम को पूरी जिंदगी भर याद रखेगा. 

यहां देखें वायरल वीडियो 



मंदिर की भव्यता और क्या है विशेषताएं?

इतना ही नहीं, किसान द्वारा बनाया गया यह मंदिर सामान्य मंदिरों से बेहद ही अलग देखने को मिलता है. जहां, इसकी ऊंचाई 65 फुट है, जो इसे इलाके की सबसे ऊंची और आकर्षक संरचनाओं में से एक बनाती है. इसके अलावा यह मंदिर लोगों को अपनी तरफ तेजी से आकर्षित भी करता है.

मंदिर का निर्माण और रोजाना होती है पूजा

हालांकि, मंदिर के निर्माण में उच्च गुणवत्ता वाले पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है, जो इसे एक आलीशान लुक देने का काम करता है. इतना ही नहीं, मंदिर के गर्भगृह में किसी देवी-देवता के स्थान पर शारदा देवी की एक सुंदर प्रतिमा स्थापित की गई है.

तो वहीं, बाल किशुन राम प्रतिदिन इस मंदिर में अपनी पत्नी की प्रतिमा की वैसे ही सेवा और पूजा-अर्चना करते हैं, जैसे किसी मंदिर में भगवान की जाती है.

समर्पण से लेकर संघर्ष की पूरी कहानी

एक साधारण किसान के लिए इतना ऊंचा और भव्य मंदिर बनवाना आर्थिक और मानसिक रूप से एक बड़ी चुनौती थी. तो वहीं, उन्होंने अपनी जमा-पूंजी और जीवन भर की कमाई को इस प्रेम के मंदिरके निर्माण में पूरी तरह से लगा दिया.

 जिसपर ग्रामीणों ने कहा कि निर्माण के दौरान कई बाधाएं देखने को मिली लेकिन उन्होंने कभी भी हार नहीं माना और मंदिर को बनाने के लिए दिन-रात एक कर आखिरकार अपनी दिंवगत पत्नी की याद में मंदिर बना ही लिया. 

MORE NEWS

Home > अजब गजब न्यूज > अब ताजमहल नहीं, बिहार का ये मंदिर पूरे विश्व में जाना जाएगा प्यार का सबसे बड़ा प्रतीक

Written By: Darshna Deep
Last Updated: February 14, 2026 14:57:40 IST

Mobile Ads 1x1

65 Foot High Temple: बिहार के पूर्वी चंपारण से बेहद ही अनोखा मामला सामने आया है. जहां, एक बाल किशन राम नाम के किसान ने अपनी दिवंगत पत्नी की याद में वो कर दिखाया है जिसके बारे में आप कल्पना भी नहीं कर सकते हैं. उन्होंने प्यार की ऐसी मिसाल पेश की है, आप देखकर हैरान हो जाएंगे. 

आखिर क्या है दिल छुने वाला मामला?

बिहार के पूर्वी चंपारण के रहने वाले बाल किशुन राम ने अपनी दिवंगत पत्नी शारदा देवी की याद में एक 65 फुट का ऊंचा भव्य मंदिर बनाकर प्यार की अनोखी मिसाल पेश की है. दरअसल, यह मंदिर न सिर्फ एक प्यार का सुंदर नूमना है बल्कि उस गहरे प्रेम और समर्पण का प्रतीक है, जो किसी के जाने के बाद भी हमेशा के लिए अमर रहता है. तो वहीं, इस भव्य मंदिर को देखने के बाद स्थानीय लोगों ने इससे चंपारण का ताजमहल करार दिया है. 

किसान ने पेश की प्यार की अनूठी मिसाल

जहां, आज भी भारत के इतिहास में शाहजहां द्वारा अपनी बेगम मुमताज की याद में बनवाया गया ताजमहल प्रेम का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता है. लेकिन, अब आज के दौर में बिहार के पूर्वी चंपारण जिले के कल्याणपुर ब्लॉक के बखरी गांव में किसान ने प्यार की बेहद ही अनूठी मिसाल पेश की है. यहां के रहने वाले बाल किशुन राम ने अपनी पत्नी की याद में अपने प्रेम की जीवित रखने के लिए बेहद ही खूबसूरत मंदिर बनाया है जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है.

 सदमे से बाहर आने के बाद बनाया मंदिर

जानकारी के मुताबिक, उनकी पत्नी शारदा देवी का निधन कुछ सालों पहले ही हो गया था, जिसके बाद वह कई महीनों तक एक गहरे सदमे में चले गए थे. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी तय किया था वे अपनी पत्नी की यादों को सिर्फ अपने दिलों में जिंदा नहीं रखेंगे, बल्कि कुछ ऐसा करेंगे जिससे हर कोई उनके इस प्रेम को पूरी जिंदगी भर याद रखेगा. 

यहां देखें वायरल वीडियो 



मंदिर की भव्यता और क्या है विशेषताएं?

इतना ही नहीं, किसान द्वारा बनाया गया यह मंदिर सामान्य मंदिरों से बेहद ही अलग देखने को मिलता है. जहां, इसकी ऊंचाई 65 फुट है, जो इसे इलाके की सबसे ऊंची और आकर्षक संरचनाओं में से एक बनाती है. इसके अलावा यह मंदिर लोगों को अपनी तरफ तेजी से आकर्षित भी करता है.

मंदिर का निर्माण और रोजाना होती है पूजा

हालांकि, मंदिर के निर्माण में उच्च गुणवत्ता वाले पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है, जो इसे एक आलीशान लुक देने का काम करता है. इतना ही नहीं, मंदिर के गर्भगृह में किसी देवी-देवता के स्थान पर शारदा देवी की एक सुंदर प्रतिमा स्थापित की गई है.

तो वहीं, बाल किशुन राम प्रतिदिन इस मंदिर में अपनी पत्नी की प्रतिमा की वैसे ही सेवा और पूजा-अर्चना करते हैं, जैसे किसी मंदिर में भगवान की जाती है.

समर्पण से लेकर संघर्ष की पूरी कहानी

एक साधारण किसान के लिए इतना ऊंचा और भव्य मंदिर बनवाना आर्थिक और मानसिक रूप से एक बड़ी चुनौती थी. तो वहीं, उन्होंने अपनी जमा-पूंजी और जीवन भर की कमाई को इस प्रेम के मंदिरके निर्माण में पूरी तरह से लगा दिया.

 जिसपर ग्रामीणों ने कहा कि निर्माण के दौरान कई बाधाएं देखने को मिली लेकिन उन्होंने कभी भी हार नहीं माना और मंदिर को बनाने के लिए दिन-रात एक कर आखिरकार अपनी दिंवगत पत्नी की याद में मंदिर बना ही लिया. 

MORE NEWS