Bihar Matriculation Exam 2026: बिहार के बेतिया से बड़ी खबर सामने आई है, जहां मैट्रिक बोर्ड परीक्षा के दौरान जिला प्रशासन की सख्ती कई छात्राओं पर भारी पड़ गई. निर्धारित समय के बाद परीक्षा केंद्र पहुंचने वाली छात्राओं को प्रवेश नहीं दिया गया, जिसके चलते उन्हें मायूस होकर वापस लौटना पड़ा.
क्या है पूरा मामला?
जानकारी के मुताबिक, बेतिया शहर के सेंट टेरेसा स्कूल और उर्दू अमना हाई स्कूल परीक्षा केंद्रों पर तय समय पर गेट बंद कर दिए गए थे. इसी दौरान थोड़ी देर से पहुंची एक छात्रा ने सेंट टेरेसा स्कूल की दीवार फांदकर अंदर जाने की कोशिश की, लेकिन वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोक दिया. इस घटना के बाद कुछ देर के लिए अभिभावकों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा भी किया.
वहीं उर्दू अमना हाई स्कूल केंद्र पर भी गेट बंद होने के बाद दो छात्राएं परीक्षा में शामिल नहीं हो सकीं. बताया जा रहा है कि ये छात्राएं महज एक मिनट की देरी से पहुंची थीं, लेकिन बोर्ड के नियमों के तहत उन्हें प्रवेश की अनुमति नहीं दी गई.
रोती नजर आईं छात्राएं
परीक्षा केंद्र के बाहर छात्राएं रोती-बिलखती नजर आईं. अभिभावकों ने प्रशासन से मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की मांग की. हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बोर्ड के निर्देशानुसार निर्धारित समय के बाद किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जा सकता. घटना के बाद क्षेत्र में परीक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक सख्ती को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
क्या हैं परीक्षा के नियम?
बिहार मैट्रिक परीक्षा आज 17 फरवरी से शुरू हुई है. यह 25 फरवरी तक दो शिफ्ट में होगी. पहली शिफ्ट सुबह 9:30 बजे से 12:45 बजे तक और दूसरी शिफ्ट दोपहर 2:00 बजे से 5:15 बजे तक चलेगी. परीक्षार्थियों को परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले केंद्र पर पहुंचना जरूरी है. पहली शिफ्ट के छात्रों को सुबह 9:00 बजे तक और दूसरी शिफ्ट के छात्रों को दोपहर 1:30 बजे तक परीक्षा भवन में प्रवेश कर लेना होगा. इसके बाद आने वाले छात्रों को उस शिफ्ट की परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी.