बिहार से एक बड़ी खबर सामने आई है. राज्य में एक बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल की उम्मीद है. सूत्रों से पता चला है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जा सकते हैं. ऐसी भी खबरें हैं कि उनके बेटे निशांत कुमार को डिप्टी चीफ मिनिस्टर बनाया जा सकता है. मंगलवार को, राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री और JD(U) के सीनियर नेता श्रवण कुमार ने घोषणा की कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने इकलौते बेटे निशांत कुमार को राजनीति में आने के लिए अपनी मंज़ूरी दे दी है.
एक-दो दिन में औपचारिक घोषणा
श्रवण कुमार 1990 के दशक में समता पार्टी के दिनों से ही JD(U) सुप्रीमो के करीबी रहे हैं. कुमार ने कहा, ‘होली से एक दिन पहले, मैं बिहार के लोगों के साथ कुछ अच्छी खबर शेयर करना चाहता हूं. JD(U) के अंदर और राज्य के युवाओं के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत के राजनीति में आने की लंबे समय से मांग चल रही थी. रास्ता साफ हो गया है, और एक-दो दिन में औपचारिक घोषणा कर दी जाएगी.’ जैसे ही यह खबर फैली, पटना में JD(U) के स्टेट ऑफिस में जश्न मनाया गया. कुछ समय से ऑफिस की दीवारों पर पोस्टर लगे हुए थे, जिनमें पार्टी वर्कर्स से नीतीश कुमार के बेटे से लीडरशिप संभालने की अपील की जा रही थी. जैसे ही यह खबर फैली, वर्कर्स ने मिठाई बांटी, एक-दूसरे को गुलाल लगाया और अपने लीडर के बेटे के पॉलिटिक्स में आने पर खुशी जाहिर करने के लिए नारे लगाए.
‘बिहार के लोगों के बीच पॉपुलर हैं निशांत’
राज्य सरकार में मंत्री और JD(U) के नेशनल जनरल सेक्रेटरी अशोक चौधरी ने कहा, ‘यह बहुत अच्छी खबर है. निशांत अपनी विनम्रता के लिए बिहार के लोगों के बीच पॉपुलर हैं. वह अपने पिता की तरह इंजीनियर हैं और कई तरह से उनके जैसे हैं.’ नेपोटिज्म के सवाल पर चौधरी ने कहा, ‘हमारे लीडर किसी नाकाबिल बच्चे को पार्टी पर नहीं थोप रहे हैं. निशांत में एक अच्छा लीडर बनने का पोटेंशियल है, और पार्टी चाहती थी कि वह पॉलिटिक्स में आए.’ सहयोगी पार्टियों ने भी इस फैसले का स्वागत किया है. पूर्व राज्य BJP अध्यक्ष और मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, ‘अगर नीतीश कुमार के बेटे राजनीति में आते हैं तो यह अच्छी बात है. यह लीडरशिप की नई पीढ़ी के उभरने का समय है.’
निशांत कुमार का नाम खबरों में था
नीतीश कुमार के राज्यसभा उम्मीदवार, उनके पहले बेटे निशांत कुमार के एक्टिव पॉलिटिक्स में आने की अटकलें काफी समय से चल रही थीं. निशांत कई पब्लिक इवेंट्स में दिखे और अपने पिता के जन्मदिन पर भी उनके साथ देखे गए। 1 मार्च को, नीतीश कुमार के जन्मदिन पर, उन्होंने अपने पिता को केक खिलाया और उनके लिए प्रार्थना करने के लिए हनुमान मंदिर गए. कहा जाता है कि नीतीश कुमार की खराब सेहत के बावजूद निशांत कुमार के एक्टिव रहने से उनके पॉलिटिकल एंट्री की अटकलों को हवा मिली है. इसके अलावा, 2025 के बिहार चुनावों को लेकर भी अटकलें तेज़ थीं, जिसमें कहा जा रहा था कि वह मैदान में उतर सकते हैं और उन्हें टिकट दिया जा सकता है. हालांकि, टिकट न मिलने से सभी अटकलों पर विराम लग गया.
आखिर कौन होगा अगला CM?
ऐसी भी संभावना है कि नीतीश कुमार के जाने के बाद बिहार का अगला मुख्यमंत्री BJP से हो सकता है. नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है। बिहार में तेजी से बदलते राजनीतिक समीकरणों के बीच, बुधवार सुबह नई दिल्ली से पटना पहुंचे जेडीयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने नई चर्चाओं को हवा दे दी है.