क्या है इस योजना की मुख्य विशेषताएं?
- लाभार्थी: प्रत्येक परिवार से एक महिला को चुना जाएगा.
- प्रारंभिक सहायता: योजना की शुरुआत में 10,000 रुपये की राशि सीधे बैंक खातों में DBT (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजी जाएगी.
- आगे की सहायता: महिलाओं की जरूरत और व्यवसाय की सफलता के आधार पर अतिरिक्त वित्तीय सहायता ₹2 लाख तक प्रदान की जा सकती है.
- वापसी की जरूरत नहीं: यह राशि अनुदान (ग्रांट) के रूप में दी जाएगी, जिसे लौटाने की आवश्यकता नहीं है.
क्यों शुरू की गई योजना?
किन महिलाओं को मिलेगा लाभ?
1. लाभार्थी महिला को बिहार की स्थायी निवासी होना चाहिए।
2. आयु 18 से 60 वर्ष के बीच हो।
3. महिला विवाहिता हो और स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी हो।
किस्त न के संभावितमिलने कारण
अब बात करते हैं कि किन महिलाओं को अभी तक किस्त नहीं मिली. यदि किसी महिला के बैंक खाते में राशि नहीं आई है, तो हो सकता हैं कि आपके आवेदन फॉर्म में बैंक खाता नंबर या IFSC कोड गलत दर्ज होगा, बैंक खाता आधार कार्ड से लिंक नहीं होगा या फिर बैंक खाता रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से जुड़ा नहीं होगा. इन समस्याओं को संबंधित बैंक या सरकारी पोर्टल के माध्यम से आसानी से हल किया जा सकता है.