6
Bettiah Medical College Violence: पश्चिम चंपारण के बेतिया में सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (GMCH) में एक चौंकाने वाली घटना हुई, जिसमें कुछ इंटर्न डॉक्टर और 56 साल की एक मरीज के परिवार वाले कथित तौर पर आपस में भिड़ गए. मामला तब बढ़ गया जब मरीज के बेटे ने कथित तौर पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए एक इंटर्न डॉक्टर को थप्पड़ मार दिया.
इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें हाथापाई दिख रही है. TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो में मुक्के मारते हुए दिख रहे लोग कथित तौर पर डॉक्टर थे, जबकि जिन्हें पीटा जा रहा था, वे मरीज के अटेंडेंट थे. बताया जा रहा है कि यह विवाद ऑक्सीजन मास्क हटाने को लेकर शुरू हुआ था.
क्या है पूरा मामला?
बता दें कि, यह घटना बुधवार रात को हुई जब मरीज के परिवार वालों ने एक इंटर्न डॉक्टर पर मेडिकल लापरवाही का आरोप लगाया, क्योंकि उसने महिला का ऑक्सीजन मास्क हटा दिया, उसकी नब्ज जांची और उसे मृत घोषित कर दिया। इसके जवाब में, मृतक के बेटे ने गुस्से में आकर इंटर्न को थप्पड़ मार दिया.
अस्पताल की सुपरिटेंडेंट डॉ. सुधा भारती ने TOI को बताया कि मरीज को मृत लाया गया था. इंटर्न डॉक्टर ने सिर्फ़ महिला का ऑक्सीजन मास्क हटाया, उसकी नब्ज जांची और उसे मृत घोषित कर दिया. मरीज के साथ आए एक आदमी ने डॉक्टर को थप्पड़ मार दिया, यह आरोप लगाते हुए कि मास्क हटाने से उसकी मौत हुई. इसके बाद बहस हाथापाई में बदल गई. वीडियो को गलत तरीके से फैलाया जा रहा है.
मृत महिला के पति ने क्या बताया?
इस बीच, महिला के पति ज्ञानप्रकाश ने कहा कि मैं अपनी पत्नी का पटना में इलाज करवाने के बाद अपने बेटे के साथ घर लौट रहा था. मोतिहारी से बेतिया जाते समय अचानक उसकी हालत बिगड़ गई. हम उसे बेतिया के ज़िला अस्पताल ले गए. जांच के दौरान, एक डॉक्टर ने उसका ऑक्सीजन मास्क हटा दिया और दूसरे डॉक्टरों से बात करने लगा. तब तक मेरी पत्नी की मौत हो चुकी थी. जब मेरे बेटे ने पूछा कि मास्क क्यों हटाया गया, तो डॉक्टरों ने हमें पीटना शुरू कर दिया. वहां मौजूद दूसरे लोगों ने हमें हमले से बचाया. उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की जांच की जाए और ज़िम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.
मेडिकल डायलॉग्स ने पहले बताया था कि दिल्ली के बसईदारापुर स्थित ESI अस्पताल के पीडियाट्रिक विभाग में एक तीसरे साल के पोस्टग्रेजुएट रेजिडेंट डॉक्टर को ड्यूटी के दौरान एक मरीज के अटेंडेंट ने कथित तौर पर मौखिक रूप से गाली दी, शारीरिक रूप से हमला किया और लगभग गला घोंट दिया. कथित हमले के कारण डॉक्टर को सिर में गंभीर चोट लगी और उन्हें काफी शारीरिक और मानसिक आघात पहुंचा.