Land For Job Case: दिल्ली के जज ने बुधवार को राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के प्रमुख लालू प्रसाद यादव और उनकी पत्नी राबड़ी देवी द्वारा भूमि-बदले-रोजगार मामले में अविश्वसनीय दस्तावेजों की आपूर्ति की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है. यह कहा कि स्वार्थपूर्ण प्रार्थना मुकदमे में देरी करने का एक बहाना था.
आरोपियों को अतिरिक्त दस्तावेज मांगने की अनुमति नहीं
कोर्ट ने कहा, हर दस्तावेज पाने का आरोपियों को स्वत: अधिकार नहीं है. पहले अभियोजन अपने सबूत पेश करेगा, उसी आधार पर सुनवाई होगी. बिना ठोस बचाव के आरोपियों को अतिरिक्त दस्तावेज मांगने की अनुमति नहीं है.
आरोपियों को कोई नुकसान नहीं
कोर्ट ने आगे कहा, याचिका खारिज करने से आरोपियों को कोई नुकसान नहीं है. अन्य आरोपियों की समान याचिकाएं भी कोर्ट ने खारिज कीं है. विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने याचिका खारिज की है.
आरोपी पक्ष अदालत को यह समझाने में विफल
राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने 35 पृष्ठों के आदेश में कहा कि आरोपी अदालत को यह समझाने में सफल नहीं हुए हैं कि बचाव पक्ष के एविडेंस प्रस्तुत करने से पहले किसी भी दस्तावेज को लाने की अनुमति देने के लिए कोई विशेष परिस्थितियां मौजूद थीं.
ट्रायल को उलझाने की चाल
न्यायाधीश का कहना है कि, अदालत इस संभावना से इनकार नहीं कर सकती कि न्यायिक आदेशों की आड़ में समय प्राप्त करने के पिछले प्रयासों की तरह, सभी अप्रतिबंधित दस्तावेजों को उपलब्ध कराने की वर्तमान प्रार्थना भी अप्रतिबंधित दस्तावेजों से संबंधित अनगिनत आवेदनों को शुरू करने का एक समान हथकंडा है, जो दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 207 के तहत की गई प्रार्थनाओं के समान हैं.
अविश्वसनीय दस्तावेज से तात्पर्य उन दस्तावेजों से है जिन्हें पुलिस जांच के दौरान जब्त कर लेती है, लेकिन मुकदमे की शुरुआत से पहले उन पर भरोसा नहीं किया जाता है, आमतौर पर इसलिए क्योंकि वे अभियोजन पक्ष के मामले को आगे नहीं बढ़ा सकते हैं.