परियोजना की प्रमुख विशेषताएं
यात्रा में क्रांतिकारी बदलाव
बिहार की प्रगति का सेतु
यह पुल केवल दो प्रखंडों पारू और सरैया को जोड़ने का कार्य नहीं करेगा, बल्कि इसे उत्तर बिहार की प्रगति का सेतु भी कहा जा सकता है।
- व्यापार और कृषि को बढ़ावा: किसानों के लिए बाजारों तक पहुंचना आसान होगा। व्यापारी वर्ग के लिए माल ढुलाई और वितरण की प्रक्रिया सुगम हो जाएगी।
- रोजगार और स्वरोजगार: पुल निर्माण और इसके बाद बढ़े आर्थिक गतिविधियों से स्थानीय लोगों के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
- परिवहन और पर्यटन: सुरक्षित और तेज आवागमन के कारण परिवहन व्यवस्था में सुधार होगा और क्षेत्रीय पर्यटन को भी गति मिलेगी।
- स्थानीय उद्योग-धंधों को बल: संपर्क सुविधा बढ़ने से लघु उद्योग और पारंपरिक व्यापार को नई दिशा मिलेगी।
लोगों को मिलेगा सीधा फायदा
गंडक नदी (Gandak River) पर बनने वाला यह पुल केवल एक भौगोलिक जोड़ नहीं है, बल्कि यह विकास, प्रगति और समृद्धि की डगर का प्रतीक होगा। आने वाले वर्षों में यह परियोजना उत्तर बिहार की जीवनरेखा साबित हो सकती है। किसानों से लेकर व्यापारियों और आम नागरिकों तक हर वर्ग के जीवन में यह पुल नई ऊर्जा और संभावनाएँ लेकर आएगा।