Nalanda Mid Day Meal: बिहार के नालंदा जिले के नूरसराय थाना क्षेत्र के पारसी मिडिल स्कूल में मिड-डे मील खाने के बाद करीब 18 छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई. बताया जा रहा है कि भोजन में नमक कम होने की शिकायत पर एक शिक्षक ने गलती से नमक की जगह सर्फ दे दिया. खाना खाने के बाद छात्राओं को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया. सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह के मुताबिक सभी बच्चे सुरक्षित हैं और उनका इलाज किया जा रहा है.
मिड-डे मील खाते ही 18 छात्राओं की बिगड़ी तबीयत
Nalanda Mid Day Meal: स्कूल में बच्चों के लिए परोसे जाने वाले मिड-डे मील को लेकर बिहार के नालंदा से हैरान करने वाला मामला सामने आया है. नूरसराय थाना क्षेत्र के पारसी मिडिल स्कूल में भोजन करने के बाद करीब 18 छात्राओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई. पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद स्कूल प्रबंधन ने आनन-फानन में बच्चों को बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल पहुंचाया. घटना की खबर मिलते ही अस्पताल में अभिभावकों और अधिकारियों की भीड़ जुट गई. फिलहाल अधिकांश बच्चों की हालत सुरक्षित बताई जा रही है.
घटना को लेकर स्कूल शिक्षक की ओर से जो जानकारी सामने आई है, उसके मुताबिक मिड-डे मील का भोजन दूसरे स्कूल से बनकर आया था. खाने में सोयाबीन की सब्जी परोसी गई थी. छात्राओं ने सब्जी में नमक कम होने की शिकायत की और नमक मांगा. आरोप है कि इसी दौरान शिक्षक से गलती हुई और नमक की जगह सर्फ परोस दिया गया. इसके बाद कुछ छात्राओं ने वह खाना खा लिया. खाना खाने के बाद कई बच्चों ने पेट में दर्द और उल्टी की शिकायत शुरू कर दी. घटना सामने आते ही स्कूल में अफरा-तफरी मच गई और बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने की तैयारी शुरू कर दी गई.
मिड-डे मील खाने के बाद करीब 18 छात्राओं के बीमार होने की जानकारी सामने आई है. बच्चों को तत्काल बिहार शरीफ मॉडल अस्पताल लाया गया, जहां चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज किया जा रहा है. घटना की जानकारी मिलने के बाद बच्चों के परिवार भी अस्पताल पहुंच गए. अचानक बड़ी संख्या में बच्चों के अस्पताल पहुंचने से वहां कुछ समय के लिए अफरा-तफरी जैसा माहौल बन गया.
घटना की गंभीरता को देखते हुए नालंदा के सिविल सर्जन डॉ. जय प्रकाश सिंह समेत कई चिकित्सक अस्पताल में मौजूद रहे. डॉक्टरों की टीम बच्चों की स्थिति पर लगातार नजर रख रही है. सिविल सर्जन ने बताया कि सभी बच्चे सुरक्षित हैं. बच्चों का इलाज किया जा रहा है और उनकी स्थिति पर चिकित्सकों की नजर बनी हुई है. इससे अभिभावकों को भी कुछ राहत मिली है.
बच्चों के अचानक बीमार होने की सूचना मिलते ही उनके परिवार के लोग अस्पताल पहुंचने लगे. अपने बच्चों की तबीयत बिगड़ने की खबर सुनकर अभिभावकों में पैनिक की स्थिति बन गई. मॉडल अस्पताल में बच्चों के परिजनों के अलावा प्रशासनिक अधिकारियों और स्वास्थ्य विभाग के लोगों की भी मौजूदगी रही. डॉक्टर बच्चों का इलाज करने के साथ उनकी स्थिति पर नजर रख रहे हैं.
इस घटना ने स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मिड-डे मील की व्यवस्था और भोजन परोसने के दौरान बरती जाने वाली सावधानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. बच्चों के भोजन में किसी भी तरह की लापरवाही गंभीर परिणाम दे सकती है. खास तौर पर नमक जैसी सामान्य चीज की जगह किसी दूसरे पदार्थ का भोजन में पहुंचना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक की ओर इशारा करता है. हालांकि पूरे मामले में वास्तविक स्थिति जांच के बाद ही स्पष्ट होगी.
घटना के बाद सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि सिविल सर्जन के अनुसार सभी बच्चे सुरक्षित हैं. डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है. अब मामले में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भोजन में सर्फ किस तरह पहुंचा और मिड-डे मील परोसने के दौरान किन स्तरों पर लापरवाही हुई. जांच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी.
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