Patna Girl Death Row: बीते 11 जनवरी को बिहार की राजधानी से महज 50 किलोमीटर की दूरी से चौंकाने वाली घटना सामने आई. जहानाबाद की रहने वाली 18 वर्षीय युवती, जो मेडिकल प्रवेश परीक्षा (एनईटी) की तैयारी कर रही थी. वह अपने हॉस्टल के कमरे में 06 जनवरी को बेहोश पाई गई थी. फिर कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक प्राइवेट अस्पताल में उसकी मृत्यु हो गई थी. अब स्थानीय लोगों में इस मामले को लेकर आक्रोश है. हालांकि पुलिस की जांच जारी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिली है. इस लेख में हम सिलसिलेवार तरीके से जानेंगे कि कब-कब और क्या हुआ.
दबाव के चलते एसआईटी का हुआ गठन
लड़की के बेहोश होने की खबर सामने आने के बाद 09 जनवरी को एफआईआर दर्ज की गई थी. फिर उसकी मौत के बाद परिवार वालों ने ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए अधिकारियों पर मामले को दबाने का आरोप लगाया था. छात्रा के पिता की तरफ से दर्ज एफआईआर में लिखा है, ‘मुझे शक है कि बेटी के साथ शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया गया है या मारपीट की गई है. उसके शरीर और सिर पर चोट है.’ इस केस में ज्यादा आक्रोश और बवाल होने के कारण पुलिस ने घटना की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया. इसके बाद पुलिस ने छात्रावास के मालिक को गिरफ्तार कर लिया.
क्या लड़की का हुआ था यौन शोषण?
डॉक्टरों की शुरुआती जांच रिपोर्ट में पता चला कि उसकी मृत्यु नींद की गोलियों के अत्यधिक सेवन के कारण हुई और वे टाइफाइड से भी पीड़ित थीं. हालांकि, अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कहा गया है कि इस मामले में ‘यौन हिंसा की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता.’ यानी कि ये कहा जा सकता है उस लड़की के साथ दुष्कर्म हुआ था.
मां ने की सीबीआई जांच की मांग
छात्रा की मां ने मीडिया से बात करते हुए कहा ‘हम पुलिस पर भरोसा नहीं कर सकते. इस घटना की सीबीआई जांच होनी चाहिए. मुझे अपनी बेटी के लिए न्याय चाहिए. इन पुलिसकर्मियों ने तो मुझे उसकी मृत्यु से कुछ घंटे पहले उसे एक गिलास पानी भी नहीं पिलाने दिया.’
गृहमंत्री को लिखा पत्र
लोकसभा के निर्दलीय सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने भी इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है. उन्होंने हाल ही में इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है.