NEET Student Death Case: NEET की तैयारी कर रही एक स्टूडेंट की मौत ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है. एसएसपी और आईजी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बिहार के डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि इस मामले में हॉस्टल मैनेजमेंट ने बहुत बड़ी लापरवाही दिखाई है, और सख्त कार्रवाई की जाएगी. डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि किसी भी हॉस्टल में होने वाली छोटी से छोटी घटना की तुरंत नज़दीकी पुलिस स्टेशन को रिपोर्ट करना मैनेजमेंट की ज़िम्मेदारी है. यह सिर्फ़ एक नियम नहीं है, बल्कि लड़कियों की सुरक्षा और उनके भविष्य से जुड़ा मामला है. उन्होंने चेतावनी दी कि जानकारी देने में कोई भी ढिलाई अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
DGP ने कहा-लाइसेंस रद्द किया जाएगा
डीजीपी ने कहा कि इस मामले में पुलिस को जानकारी देने में काफ़ी देरी हुई. स्टूडेंट की मौत के बाद हॉस्टल संचालक ने सबसे पहले लड़की के माता-पिता को जानकारी दी, लेकिन पुलिस को बिल्कुल भी जानकारी नहीं दी. इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए हॉस्टल के ख़िलाफ़ कार्रवाई की गई है. हॉस्टल का लाइसेंस रद्द किया जाएगा, और संचालक को भविष्य में पटना में कोई भी हॉस्टल चलाने की इजाज़त नहीं दी जाएगी. डीजीपी ने कहा, “वह पटना में कोई हॉस्टल नहीं चला सकती.”
हॉस्टल के नियमों के बारे में डीजीपी ने कहा कि राज्य में कई मामले सामने आए हैं, और जांच में पता चला है कि बड़ी संख्या में छात्राएं ऑनलाइन और ऑफलाइन कोचिंग के लिए हॉस्टल में रह रही हैं. इसलिए, हॉस्टल का अच्छा माहौल बहुत जरूरी है.
स्टाफ और हॉस्टल गार्ड का पुलिस वेरिफिकेशन जरूरी किया जाएगा. डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि सभी हॉस्टल संचालकों को सभी ज़रूरी बातों पर ध्यान देना होगा: हॉस्टल के कमरों में अच्छी रोशनी, साफ़-सफ़ाई, रहने की सुरक्षित व्यवस्था और अच्छा खाना-पीना.
डीजीपी ने यह भी कहा कि हॉस्टल प्लान को मंज़ूरी देने वाली एजेंसियों को सावधान रहना होगा. इसके अलावा, कोचिंग इंस्टीट्यूट संचालकों, स्टाफ और हॉस्टल गार्ड का पुलिस वेरिफिकेशन ज़रूरी किया जाएगा. यह पक्का किया जाएगा कि किसी का कोई क्रिमिनल रिकॉर्ड न हो.