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Pappu Yadav Bail: बिहार के पूर्णिया जिले से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव को शुक्रवार बड़ी राहत मिलते हुए, पटना कोर्ट से तीन अलग-अलग केस में बेल मिल गई है. इसके बाद निर्दलीय सांसद शाम को जेल से रिहा हो गए हैं. इस दौरान पप्पू यादव ने अपनी पहली प्रतिक्रिया दी हैं. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें पूरी खबर.
जेल से बाहर निकलकर पप्पू यादव ने दिया पहला बयान
पटना बेउर जेल से निकलने पर पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा कि मुझे नहीं पता कि प्रशासन ने ऐसा क्यों किया. सरकार में एक दो लोग हैं जिन्होंने बदमाशी की है. एक दिल्ली के नेता, एक बिहार के नेता और एक पुर्णिया के नेता की ये साजिश थी… खेमका हत्याकांड में जो एनकाउंटर हुआ वो गलत बच्चे का हुआ. हमें वो गवाही मिल गई है. बच्चों को 4 बजे निकालकर गोली मारी गई. मैं हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक जाऊंगा और केस लड़ूंगा… NEET की बच्ची की लड़ाई मैं रुकने नहीं दूंगा. जिन लोगों ने भी हमारा समर्थन किया मैं उनका ऋणी हूं… मुझे मरवाने की भी कोशिश हुई.
#WATCH पटना, बिहार: पटना बेउर जेल से निकलने पर पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने कहा, “मुझे नहीं पता कि प्रशासन ने ऐसा क्यों किया। सरकार में एक दो लोग हैं जिन्होंने बदमाशी की है। … एक दिल्ली के नेता, एक बिहार के नेता और एक पुर्णिया के नेता की ये साजिश थी… खेमका… pic.twitter.com/IJbaCJoPdv
— ANI_HindiNews (@AHindinews) February 13, 2026
निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर कौन-कौन से केस थें?
कोतवाली और बुद्धा कॉलोनी पुलिस स्टेशन में रजिस्टर्ड केस में बेल दी गई. पप्पू यादव के खिलाफ सरकारी काम में रुकावट डालने और विरोध प्रदर्शन ऑर्गनाइज़ करने के केस शामिल थे. अधिकारियों के मुताबिक, कोटवाली पुलिस स्टेशन में दो केस 2017 और 2019 के हैं और विरोध प्रदर्शनों से जुड़े हैं. बुद्धा कॉलोनी पुलिस स्टेशन में रजिस्टर्ड तीसरा केस अधिकारियों को उनके काम करने में रुकावट डालने के आरोपों से जुड़ा था.
वकील ने कहा कि यादव की जमानत याचिका पर गुरुवार सुबह करीब 11 बजे सुनवाई होनी थी, लेकिन पटना सिविल कोर्ट को मिली बम की धमकी की वजह से वह दूसरे हाफ में ही पेश हो सके.
1995 के जालसाजी केस में पप्पू यादव गिरफ्तार
इससे पहले मंगलवार को, यादव को लगभग तीन दशक पुराने जालसाजी केस में ज़मानत मिल गई थी. हालांकि, वह दूसरे मामलों में न्यायिक हिरासत में रहे, जिसमें पुलिस की कार्रवाई में कथित तौर पर रुकावट डालने का एक मामला भी शामिल था. यादव को 6 फरवरी शाम पटना पुलिस ने उनके घर से गिरफ्तार किया था, जब एक MP/MLA कोर्ट ने उनके खिलाफ इंडियन पीनल कोड की धारा 467 के तहत दर्ज 1995 के एक केस के सिलसिले में वारंट जारी किया था, जो कीमती सिक्योरिटी और डॉक्यूमेंट्स की जालसाजी से जुड़ा था. हालांकि, सांसद पप्पू यादव को तीनों केस से राहत मिल चुकी है और अब वह जेल से रिहा हो चुकें है.