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पटना का बदलेगा नाम? क्या रखने की हुई मांग, क्या है उस नाम की पूरी कहानी

Patna: राजनीतिक गलियोरों में पटना का नाम बदलने की मांग, क्या सही होगा यदि उसका नाम वापस से पाटलिपुत्र कर दिया जाए. पटना का नाम सबसे पहले क्या था.

Written By: Vipul Tiwary
Last Updated: February 4, 2026 12:39:28 IST

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Patna: बिहार की राजधानी पटना का नाम बदलने की मांग एक बार फिर चर्चा में आ गई है. कुछ संगठनों और सामाजिक समूहों ने पटना को उसके प्राचीन और ऐतिहासिक नाम से पहचान दिलाने की अपील की है. इस मांग के बाजार में आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में बहस बढ़ गई है. आज हम जिसे पटना के नाम से जानते हैं वो कभी किसी और नाम से प्रचलित हुआ करता था. आइए जानते हैं पटना के किस नाम को बदलने की मांग चल रही है. क्या है उस नाम की पूरी कहानी.

पटना का इतिहास क्या है?

पटना का ऐतिहासिक नाम पाटलिपुत्रा है. जिसे प्राचीन काल से ही संस्कृति, शिक्षा, और राजनीति का एक बड़ा केंद्र कहा जाता रहा है. यह पहले मगध साम्राज्य की राजधानी भी थी. सम्राट अशोक और चंद्रगुप्त मौर्य का राज यही से चला और समय के साथ इस शहर के नाम में बदलाव होते गए हैं.
 
मध्यकाल के दौरान 16वीं शताब्दी में इस शहर का नाम बदलकर पाटलिपुत्र से पटना कर दिया गया है, जिसका पूरा श्रेय शेरशाह सूरी को जाता है. राजनीतिक गलियारों में एक एक बार फिर से इस शहर का नाम बदलने की मांग चलने लगी है.

पटना को पाटलीग्राम क्यों कहा जाता था

लगभग 3,000 साल पहले जब पटना शहर एक गांव हुआ करता था. तब के समय इसे पाटलीग्राम के नाम से जाना जाता था. ऐसा माना जाता है कि इस जगह पर पाटिल नाम के वृक्ष बहुत होते थे. जो एक औषधीय पौधा है. जिसकी वजह से इसे पाटलीग्राम कहा जाता था. बाद में जब यह गांव एक बड़ा शहर के रूप में विकसत हुआ तो इसे पाटलीपुत्र के नाम से जाना जाने लगा.

उपेंद्र कुशवाहा की मांग क्या है

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने पटना का नाम बदलकर इसके ऐतिहासिक नाम पाटलिपुत्र देने की मांग की है. उनका कहना है कि जब मुंबई और चेन्नई जैसे जगहों के पुराने नाम से जाना जा सकता है, तो पटना का नाम पाटलिपुत्र क्यों नहीं हो सकता है. आगे उन्होंने कहा कि पाटलिपुत्र बिहार की गौरवशाली विरासत को फिर से स्थापित करने का एक तरीका होगा. उन्होंने बिहार सरकार से आग्रह किया कि वह इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजे, ताकि केंद्र इस पर आगे की कार्रवाई हो सके.

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Patna: राजनीतिक गलियोरों में पटना का नाम बदलने की मांग, क्या सही होगा यदि उसका नाम वापस से पाटलिपुत्र कर दिया जाए. पटना का नाम सबसे पहले क्या था.

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Last Updated: February 4, 2026 12:39:28 IST

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Patna: बिहार की राजधानी पटना का नाम बदलने की मांग एक बार फिर चर्चा में आ गई है. कुछ संगठनों और सामाजिक समूहों ने पटना को उसके प्राचीन और ऐतिहासिक नाम से पहचान दिलाने की अपील की है. इस मांग के बाजार में आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में बहस बढ़ गई है. आज हम जिसे पटना के नाम से जानते हैं वो कभी किसी और नाम से प्रचलित हुआ करता था. आइए जानते हैं पटना के किस नाम को बदलने की मांग चल रही है. क्या है उस नाम की पूरी कहानी.

पटना का इतिहास क्या है?

पटना का ऐतिहासिक नाम पाटलिपुत्रा है. जिसे प्राचीन काल से ही संस्कृति, शिक्षा, और राजनीति का एक बड़ा केंद्र कहा जाता रहा है. यह पहले मगध साम्राज्य की राजधानी भी थी. सम्राट अशोक और चंद्रगुप्त मौर्य का राज यही से चला और समय के साथ इस शहर के नाम में बदलाव होते गए हैं.
 
मध्यकाल के दौरान 16वीं शताब्दी में इस शहर का नाम बदलकर पाटलिपुत्र से पटना कर दिया गया है, जिसका पूरा श्रेय शेरशाह सूरी को जाता है. राजनीतिक गलियारों में एक एक बार फिर से इस शहर का नाम बदलने की मांग चलने लगी है.

पटना को पाटलीग्राम क्यों कहा जाता था

लगभग 3,000 साल पहले जब पटना शहर एक गांव हुआ करता था. तब के समय इसे पाटलीग्राम के नाम से जाना जाता था. ऐसा माना जाता है कि इस जगह पर पाटिल नाम के वृक्ष बहुत होते थे. जो एक औषधीय पौधा है. जिसकी वजह से इसे पाटलीग्राम कहा जाता था. बाद में जब यह गांव एक बड़ा शहर के रूप में विकसत हुआ तो इसे पाटलीपुत्र के नाम से जाना जाने लगा.

उपेंद्र कुशवाहा की मांग क्या है

राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने पटना का नाम बदलकर इसके ऐतिहासिक नाम पाटलिपुत्र देने की मांग की है. उनका कहना है कि जब मुंबई और चेन्नई जैसे जगहों के पुराने नाम से जाना जा सकता है, तो पटना का नाम पाटलिपुत्र क्यों नहीं हो सकता है. आगे उन्होंने कहा कि पाटलिपुत्र बिहार की गौरवशाली विरासत को फिर से स्थापित करने का एक तरीका होगा. उन्होंने बिहार सरकार से आग्रह किया कि वह इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार कर केंद्र सरकार को भेजे, ताकि केंद्र इस पर आगे की कार्रवाई हो सके.

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